उमस भरी गर्मी ने सुबह और दिन का अंतर समाप्त कर दिया है। पसीने के साथ सुबह हो रही तो उसी के साथ हो रही शाम। नमी का साथ पाकर धूप तो कांटे की तरह चुभ रही है। अब बारिश ही गर्मी को काबू में कर सकती है, ऐसे में सभी उसकी राह देख रहे हैं। मौसम विशेषज्ञ इस बीच राहत की खबर दे रहे हैं। उनका कहना है कि बुधवार से प्री-मानसून के जरिए बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है। हालांकि यह फौरी राहत होगी। 12 के बाद होने वाली मानसूनी बारिश से गर्मी का तेवर थमने की उम्मीद है।

 

 

मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि पूर्वी उप्र से लेकर बिहार होते हुए पश्चिम बंगाल तक निम्न वायुदाब का क्षेत्र बन गया है। इसके अलावा पूर्वी उप्र में स्थानीय स्तर पर भी एक निम्न वायुदाब की पट्टी बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर बनी वायुमंडलीय परिस्थितियों के चलते बुधवार से आसमान में बादल डेरा डालने लगेंगे, कुछ स्थानों पर बूंदाबादी भी हो सकती है। 10-11 जून को हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान भी मौसम विशेषज्ञ जता रहे हैं।

 

 

उसके बाद बारिश का जिम्मा बंगाल की खाड़ी तक बना मानसूनी वर्षा का माहौल संभाल लेगा। 12 जून के बाद कभी भी पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी तेज हवा के बीच गरज-चमक के साथ मानसूनी बारिश शुरू हो सकती है। 15 जून तक हर हाल में मानसून के पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंचने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि ज्यादा दिक्कत हीट इंडेक्स के चलते है। सोमवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जबकि हीट इंडेक्स के चलते लोगों को 45 डिग्री सेल्सियस की गर्मी का अहसास हुआ। हीट इंडेक्स ने ही रात के तापमान को भी 27 के पार पहुंचा दिया है।

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