अभी अभी मौसम विभाग द्वारा जारी ताज़ा जानकारी के अनुसार केरल, तमिलनाडु से होते हुए मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक में सक्रिय हो गया है, जिसके ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 9 जून तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद झारखंड होते हुए मानसून बिहार में सक्रिय होगा। दक्षिणी राज्यों के साथ महाराष्ट्र होते हुए मानसून पूर्वोत्तर राज्यों में फैल चुका है। यह अगले तीन-चार दिनों में समूचे पूर्वी राज्यों और बंगाल की खाड़ी से लगे क्षेत्रों में सक्रिय हो जाएगा। उत्तरी क्षेत्र में भी इसके समय से पहुंचने की संभावना है।

 

मौसम विभाग के मुताबिक बिहार में मानसून के 10 से 15 जून के बीच सक्रिय होने की संभावना है। यह पूर्णिया, बांका, जमुई होते हुए गया और पटना पहुंचेगा। बंगाल की खाड़ी में नम हवा के दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही ओडिशा, पश्चिम बंगाल में चक्रवाती हवा सक्रिय है। मौसम विभाग के मुताबिक, केरल तट तक पहुंचने के तीन दिनों के भीतर ही मानसूनी बादल बड़ी तेजी से हिमालय क्षेत्र वाले बंगाल और सिक्किम समेत समूचे पूर्वोत्तर राज्यों में सक्रिय हो गए हैं।

 

 

मानसूनी हवाओं की रफ्तार तेज है। अगले दो दिनों के भीतर मानसूनी बादल पूर्वी क्षेत्र समेत बंगाल की खाड़ी से लगे इलाकों में सक्रिय हो जाएंगे। इस पूरे क्षेत्र में भारी से मूसलधार बारिश की संभावना जताई गई है। इसी आशंका से असम और मेघालय में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मानसून इस बार पूर्वी राज्यों में सामान्य से अधिक वर्षा सकता है।

 

 

जो मानसून की गति के लिए अनुकूल है। इसके प्रभाव से बिहार, झारखंड होते हुए उत्तर प्रदेश तक मानसून का क्षेत्र धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा है। 9-10 जून को प्रदेश में बारिश की आशंका मानसून का असर बिहार में 8 जून के बाद ही दिखाई देना शुरू हो जाएगा। इससे 9 और 10 जून को कई हिस्सों में 3 से 12 एमएम तक बारिश के आसार हैं। उससे पहले पटना समेत कई जिलों में 48 घंटे तक मौसम शुष्क रहेगा। तेज धूप के साथ ही गर्म हवाएं चलेंगी।

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