घर से निकला हुआ कचरा नैली डंपिंग ग्राउंड कचरे के पहाड़ में परिवर्तित होता जा रहा है इसलिए नगर निगम ने वातावरण को शुध्द रखने और कचरे का इस्तेमाल करने का नया रास्ता खोज निकाला स्वच्छ भारत मिशन के द्वारा कचरे के निष्पादन करने का कार्य डंपिंग ग्राउंड में अप्रैल माह से चल रहा है। जिसमें एक नहीं बल्कि कई मशीनें लगी हैं।  कचरे के निष्पादन से संबंधित नगर निगम के जरिए टेंडर निकाला गया था, और ये टेन्डर भोपाल की एक कंपनी को दिया गया कचरे का निष्पादन कार्य 30.90 करोड़ की राशि से किया जा रहा है जिसमें 3 माह के अंतर्गत आधे से ज्यादा कचरे का निष्पादन कई मशीनों के जरिए किया जा चुका है ।

 

 

नैली स्थित डंपिंग ग्राउंड क्या है और कैसे किया जा रहा है कचरे का इस्तेमाल ?

नैली स्थित डंपिंग ग्राउंड में 1987 से कचरे को एकत्रित किया जा रहा है कई वर्षों से एकत्रित कचरा पहाड़ जैसा बन गया है। काफी कचरा तो मिट्टी में बदल चुका है जिससे उस मिट्टी के गड्ढे को भरा जा रहा है। हालांकि एक कचरे से निकलने वाली प्लास्टिक और शीशा बोतल लोहा बाकी चीजों को अलग रखा जा रहा है और इसका इस्तेमाल कपड़े से रस्सी और शीशे बोतल तथा प्लास्टिक से समान को रिसाइकल किया जा रहा है। कचरे का इस्तेमाल करने और समतल करने के लिए डंपिंग ग्राउंड में कचरा निष्पादन की मशीन लगाई जाएंगी। मशीन में पहले सूखे कचरे को रिसाइङ्क्षक्लग  किया जाएगा ,और गीले कचरे का इस्तेमाल जैविक खाद में होगा।

 

 

सूबे का पहला होगा यह प्लांट।

नगर निगम द्वारा सूबे का यह पहला प्लांट होगा जिसमें कचरा निष्पादन को लेकर कई आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी मशीनें लगने के बाद सबसे पहले तो कचरे को अलग अलग किया जाएगा। सूखा कचरा कई भागों में अलग होगा और बोतल लकड़ी लोहा कपड़े के साथ बाकी वस्तुओं को भी अलग किया जाएगा। सूखे कचरे को अलग कर, जो गीला कचरा होगा उससे जैविक खाद तैयार कर दी जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *