भागलपुर,( कुलसूम फात्मा )  बिहार में ट्रक हड़ताल के कारण लोग यह समझ रहे हैं की उनके घरों के बजट पर इस हड़ताल का बहुत गहरा प्रभाव पड़ने वाला है तो बता दें की लोग ऐसा गलत समझ रहे हैं क्योंकि व्यापारियों ने इससे संबंधित बड़ी तैयारी कर रखी है। भागलपुर के खाद्य तेल की थोक मंडियों में वर्तमान समय में सामान का पूरा स्टॉक उपलब्ध है। इस ट्रक हड़ताल का भागलपुर के बाजार पर कोई भी असर नहीं पड़ने वाला है। इस स्टॉक के द्वारा यहां के लोगों को या फिर दुकानदारों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। हड़ताल लंबी खींची तो हां परेशानी हो सकती है। कुछ समय के लिए व्यापारियों ने पूर्ण रूप से इसकी तैयारी कर रखी है।

 

आपको बता दें की बिहार में जनवरी की 15 तारीख की रात से ट्रकों की हड़ताल प्रारंभ हो गई है। भागलपुर में दाल तथा चावल और खाद्य तेल ड्राई फूड के साथ बाकी सामानों की सप्लाई मध्य प्रदेश तथा पंजाब दिल्ली से होती है। भागलपुर में थोक मंडी होने के कारण यहां के जनपद में प्रत्येक दिन खपत के हिसाब से सामानों का स्टॉक थोक कारोबारियों के 20 दिन से 1 माह तक के उपलब्ध रहता है

 

सबसे खास बात तो यह है की जनवरी के दूसरे सप्ताह में यहां सामानों का बड़ा स्टॉक भागलपुर आया है। चेंबर ऑफ कॉमर्स तथा दुकानदारों ने साफ कहा की हड़ताल के वजह से रोजमर्रा वाली चीजों के इस्तेमाल होने वाले तथा खाद्य पदार्थों के रेट ट्रकों के हड़ताल का असर सामानों की रेट पर नहीं पड़ेगा।  यही नहीं इसके साथ ही भागलपुर में वर्तमान समय में आलू झारखंड तथा पश्चिम बंगाल से पहुंच रहा है। प्याज नासिक से और दूसरे प्रदेश से आती है। यहां की थोक सब्जी मंडी में दोनों सब्जियों का पूरा स्टॉक अभी लगा पड़ा है।

 

 

इसके वजह से ग्राहकों को ज्यादा परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। रविवार के दिन तो आलू की कीमत 12:00 सौ से 1300 क्विंटल रही। हालांकि प्याज की थोक मंडी में रेट 32सौ से 3300 रही और खुदरा बाजार की यदि हम बात करें तो वहां पर आलू 15 से 16 तथा प्यास 35 से 40रू किलो थी।  चुकी ट्रकों की हड़ताल केवल बिहार में है। इससे यहां के कारोबारियों पर असर नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही लंबा स्टॉक भी जमा है जिसके कारण जनपद वासियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।

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