गोरखपुर,( कुलसूम फात्मा )  पश्चिमी रेलवे से पूर्वोत्तर रेलवे के कंट्रोल में आते ही 30 साल से चल रही कुशीनगर एक्सप्रेस सुपरफास्ट बन गई  सुपरफास्ट बनने से तकरीबन 3 घंटे की बचत हो जाने की उम्मीद जताई जा रही है। परंतु यात्रियों की जेब पर भी असर पड़ने वाला है। लोगों को सुपरफास्ट के नाम पर किराए में स्लीपर में 30 एसी थर्ड तथा एसी टू में ₹45 और देने पड़ेंगे।

 

 

लोगों ने बताया कि रेलवे बोर्ड ने गोरखपुर से मुंबई के मध्य चलने वाली लोकमान्य तिलक टर्मिनस तथा कुशीनगर गोरखपुर एलटीटी और दादर एक्सप्रेस में परिवर्तन करके एक करोड़ की रेक भी बचा ली है। इसके साथ ही इन तीनों को संचालित करने में 12 रेक का इस्तेमाल होता है। उपर्युक्त ट्रेनों के संचालन में 11 रेक लगाई जाएंगी। रेक बचाने तथा कमाई बढ़ाने के लिए रेलवे ने तीनों ट्रेनों में फेरबदल भी किया है। अप्रैल की 11 तारीख 2021 से कुशीनगर तथा गोरखपुर एलटीटी एक्सप्रेस से नए नंबर तथा नए रेक संयोजन और ठहराव तथा नए टाइम टेबल से चलाये जाने का निर्णय लिया गया है।

 

 

इसके बाद दोनों ट्रेनों का नंबर भी दो से प्रारंभ हो जाएगा दादर एक्सप्रेस का नंबर नहीं परिवर्तित किया जाएगा परंतु इस ट्रेन में भी अत्याधुनिक लिंकहाफमैन बुश कोच लगेंगी। दादर को भी सुपरफास्ट बनाने का विचार विमर्श किया जा रहा है। इसके लिए पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन तथा बाकी जोनल कार्यालयों के मध्य मंथन जारी है। इस ट्रेन की स्पीड को भी औसतन 55 किमी प्रति घंटा बनाने के लिए रेल मार्ग पर गैप को ढूंढा जा रहा है।

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