यूपीएससी परीक्षा पास करने वाले फरहान अहमद खान गुड़गांव के रहने वाले और शुरुआत की पढ़ाई गुड़गांव से ही करते हुए बीटेक किया अहमद हमेशा से आईएएस अफसर बनने का सपना संजोया करते थे। आपकी मां एक ग्रहणी है और पिता सरकारी ऑफिसर रहे यही कारण था के फरहान पर फाइनेंशली बर्डेन नहीं रहा। उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन पूरी करने के पश्चात यूपीएससी की तैयारी करने का निर्णय लिया। उसके बाद उन्होंने जामिया कोचिंग रेजिडेंशियल ज्वाइन कर ली। वह पूरी तरह से ठान चुके थे। सफलता पा कर ही वापस जाना है

 

धैर्य नहीं छोड़ा –

फरहान अहमद खान को भी पांच बार असफलता निरंतर मिली। पांच बार असफलता के बाद उम्मीद नहीं हारी और अंत में अगले प्रयास में सफल हो गए। फरमान को अपना सपना साकार करने में कुल मिलाकर 7 साल का लंबा समय लगा। इस दौरान उन्होंने धैर्य नहीं छोड़ा था। जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव भी उन्होंने देखे परंतु सपना सच करने का हौसले को जिन्दा रखा ।

 

 

फरहान अहमद खान ने मिली असफलता से सीखा –

मिली असफलता से सीखा और गलतियों में सुधार किया। लेकिन बार-बार गलती रह जाती थी और निराशा हाथ लगती थी लेकिन फरहान अहमद खान ने हिम्मत नहीं हारी औरसकारात्मक बने रहे। यूपीएससी परीक्षा में छठे प्रयास में सफल हुए। उनका यूपीएससी का सफर करीब 7 साल करा इस दौरान कई उतार-चढ़ाव भी आए और आखिरकार यूपीएससी रैंक 258 से सफलता हाथ लगी।

 

 

दूसरों के लिए सलाह –
बताते हैं मैंने एनसीईआरटी की किताबें स्कीप की थी और असफल होने पर वापस इन पर आ गए थे। जीरो से प्रारंभ की इसलिए सीधे बड़ी किताबों पर ध्यान ना दें, और बेसिक्स क्लियर करते हुए आगे बढ़े। कहते हैं अपनी रणनीति खुद बनाएं और असफलताओं से ना घबराए तथा निराश ना होने की सलाह देते हुए कहते हैं छोटी-छोटी गलतियां कर सफलता से चूक जाते हैं, इसलिए इस परीक्षा में शामिल होने के लिए पूरी तरह से तैयारी करें और इसका फायदा यह होगा आपके अटेम्प्ट बर्बाद नहीं होंगे। तैयारी बेहतर और पूरी हो, तभी परीक्षा में शामिल हो बेहतर रणनीति के साथ आप जल्दी सफल हो जाएंगे।

 

 

इंटरव्यू में पूछे गए सवाल।

  1. मनुष्य समाज के विकास में जेंडर का किस स्थिति में आकर एक महत्वपूर्ण सोशल कंस्ट्रक्ट बन जाता है
  • उत्तर था एग्रीकल्चर की उत्पत्ति हुई उसी के साथ ही सोसाइटी में हमारे विभाजन होने लग गया था। वहां पर पहली बार देखा गया पूर्णता जेंडर डिस्क्रिमिनेशन या फिर जेंडर बेस्ड वर्क हमारा डिस्टिंग्विश हो गया है तो मानना है जैसे एग्रीकल्चर की उत्पत्ति नेउलिथिक पीरियड में हुई, उसके बाद से ही हमारे सोशल स्ट्रेटिफिकेशन के साथ जेंडर डिस्क्रिमिनेशन स्टार्ट हुआ।

 

     2. खेती के विकास से ऐसा क्या संबंध था जिससे स्त्रियों के साथ भेद भाव शुरू हो गया था किस वजह से?

 

  •     इस सवाल का भी जवाब वह परमानेंट ने बड़ी ही सहनशीलता के साथ दिया था।

 

         3 .धर्म का मानव विज्ञान क्या है?

  • इसकी बहुत सारी थ्योरी है जिसमें ईबीडेलर ने एनीमेज़म की थ्योरी है उनके अनुसार धर्म की उत्पत्ति इस प्रकार से हुई है पहले पूर्वज को पूजा जाता था, उसको प्रिविटी रिलिजन नाम दिया उसके बाद धीरे धीरे मनुष्य नेचर को पूजने लग गया जिसे federalism बोलते हैं या फिर एनिमल्स की पूजा करने लग गया क्योंकि मनुष्य के दिल और दिमाग में डर की उत्पत्ति होने लग गई। वो चीज से डरता था, उसकी पूजा करनी शुरू कर दी। इस प्रकार से  एंथ्रोपोलॉजी मानती है धर्म की उत्पत्ति हुई।
  •    पेप्सीको इंडिया ने किसानों पर केस किया था इस संबंध में पूछा तो फरहान अहमद इस प्रश्न का जवाब नहीं दे पाए थे।

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