मेहनत और सफलता एक ऐसी कड़ी है जो एक दूसरे के बगैर अधूरी है और इन दोनों के मिलने पर व्यक्ति की जिंदगी परिपूर्ण हो जाती है। जी हां यदि आप मेहनत कर रहे हैं तो यह हो सकता है की देरी से सफलता मिले परंतु मिलती जरूर है। हम बता रहें हैं हरियाणा के अशोक कुमार के बारे में हरियाणा के हिसार जनपद के रहने वाले अशोक की नियुक्त भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में हो गई और यह मेहनत का ही फल था जो मिला।

 

 

आटे की चक्की से भरता है परिवार का पेट –

अशोक मुकलान गांव के रहने वाले हैं और इनके पिता आटे की चक्की चलाते हैं। परिवार का पेट भरने का यही जरिया है इन आर्थिक परेशानियों के होते हुए भी अशोक संघर्ष करने में कामियाब रहे और सफलता पाई। अशोक ने मार्च माह में भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर रिक्रूटमेंट की परीक्षा दी थी परीक्षा के पश्चात दिसंबर में उनका इंटरव्यू हुआ। वह बेहद बेसब्री से रिजल्ट का इन्तेजा़र कर रहे थे

 

आई ऑल इंडिया सेकंड रैंक।

ऑल इंडिया रिजल्ट आया तो अशोक ने देखा उनकी रैंक सेकंड थी। इसे देखकर उनकी और परिवार वालों की आंखें भर आई। ये 5 जनवरी को भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर की तरफ से नतीजे घोषित किए गए। अशोक ने बताया पूरे देश में तकरीबन 30 छात्रों को ही चयनित किया गया था और इसमें इनका भी नाम था। उन्होंने कहा मैं भाग्यशाली हूं जो मैं चयनित हुआ। बता दें अशोक के पिता मांगेराम के पास केवल एक एकड़ ही जमीन है वर्तमान समय में वह आटे की चक्की चला कर पेट पालते हैं। अशोक के इस चयन से अशोक के घरवालों आर्थिक स्थिति सुधरेगी आस लगाए बैठे हैं

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