भागलपुर,( कुलसूम फात्मा )  कोविड-19  को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष सरस्वती पूजा में विसर्जन जुलूस पर पाबंदी लगा दी गई है। सार्वजनिक कार्यक्रम भी नहीं होंगे और पूजा के दौरान केंद्र तथा राज्य सरकार की गाइडलाइन का पालन करना होगा।

 

अभी तक सरकार की ओर से सरस्वती पूजा से संबंधित कोई गाइडलाइन नहीं जारी की गई थी, परंतु जिला प्रशासन की तरफ से दिए गए निर्देश के आलोक में सरस्वती जी की प्रतिमा तो रखी जाएगी परंतु मेले नहीं लगेंगे ना ही सार्वजनिक आयोजन होंगे। एसएम कॉलेज रोड पर स्थित गंगा घाट पर भी प्रतिमा के विसर्जन पर पाबंदी लगा दी गई है। जिला प्रशासन ने इस पर रोक लगाते हुए प्रतिमा विसर्जन से संबंधित एनजीटी के सभी निर्देशों का पालन करने के लिए कहा है और शांति समिति के सदस्यों ने जिला प्रशासन से नाथनगर में खास अलर्ट जारी करने तथा विसर्जन के लिए 2 दिनों का समय देने की रिक्वेस्ट की है। समिति ने पूजा के दौरान साफ सफाई कराने का भी अनुरोध किया डीएम ने नगर निगम को विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्देश दिया।

 

 

शनिवार के दिन समाहरणालय के रिव्यु भवन में डीएम सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में मीटिंग आयोजित हुई, जिसमें खास निर्णय लिया गया था के इस बार सरस्वती पूजा का आयोजन नहीं होगा यह निर्णय डीएम सुब्रत कुमार सेन के द्बारा लिया गया   सरस्वती पूजा के संबंध में विधि व्यवस्था से संबंधित जनपद स्तरीय शांति समिति के साथ-साथ डीएम ने मीटिंग की। इस मौके पर डीएम ने कहा कोविड-19 के वजह से उत्पन्न परिस्थितियों को का ख्याल रखते हुए तथा संक्रमण से बचने के लिए निर्धारित सावधानियों का पालन होगा तथा सार्वजनिक स्थानों पर पूजा के आयोजन इस बार नहीं किए जाएंगे निजी स्थलों तथा मंदिर में पूजा के आयोजन क्रम में कोविड-19 के नियमों का पूर्ण रुप से पालन किया जाएगा और पूजा स्थल के समीप तोरण द्वार का भी निर्माण नहीं होगा। इसके साथ ही मेला के आयोजन पर भी रोक लगाई। डीजे के उपयोग पर भी पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

 

 

इन निर्देशों का करना होगा पालन

  1. मूर्ति स्थापित करने वाले स्थान को छोड़कर बाकी भाग खुले रहेंगे।
  2. सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली तथा मेले का आयोजन इस बार नहीं होगा।
  3. पूजा स्थल के आसपास खाद्य पदार्थों के स्टॉल नहीं लगाए जाएंगे।
  4. जिला प्रशासन के द्वारा चिन्हित स्थानों पर ही मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा।
  5. सामूहिक भोज पदार्थ तथा प्रसाद का वितरण नहीं किया जाएगा।
  6. आयोजकों तथा पूजा समितियों के द्वारा आमंत्रण पत्र जारी किए जाएंगे।
  7. मंदिरों में पूजा पंडाल तथा मंडप के उद्घाटन के लिए सार्वजनिक समारोह का आयोजन नहीं किया जाएगा।
  8. आयोजकों को मंदिर में पर्याप्त सैनिटाइजर की व्यवस्था करनी पड़ेगी
  9. और कोविड-19 से बचाव के लिए केंद्र तथा राज्य सरकार की गाइडलाइंस को गाइडलाइन को फॉलो करना पड़ेगा।
  10. सार्वजनिक स्थानो होटल क्लब में कार्यक्रम का आयोजन नहीं होगा और सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल तथा शारीरिक दूरी को बनाए रखना होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.