बिहार,( कुलसूम फात्मा )  अब आप एक क्लिक पर बिहार की राज्य उच्च पथ जमीन के बारे में बड़ी ही आसानी से पता लगा सकेगे क्योंकि जमीन से संबंधित जुड़े हुए डाक्यूमेंट्स को डिजिटाइज्ड किया जा रहा है। यह प्रोसीजर पूर्ण होने पर इससे संबंधित महकमे की वेबसाइट पर आम एक्सेस के खातिर उपलब्ध करा दिया जाएगा।

 

अधिकतर सभी क्षेत्र में यही दिक्कत रही है कि रोड की जमीन पर बड़े स्तर पर अतिक्रमण हो जाती है और यहां तक की पक्की संरचनाएं तक तैयार कर ली जाती हैं।

बाद में जब सड़क के चौड़ीकरण का कार्य चलता है या उस जमीन की आवश्यकता पड़ने पर और इस्तेमाल की बात आती है तब इससे संबंधित समस्याएं सामने आती हैं।और उस समय रोड की जमीन से जुड़े हुए पुराने डाक्यूमेंट्स भी नहीं मिलते इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था की जा रही है के सड़क के लिए जो जमीन मिली थी, उसके दस्तावेज को डिजिटाइज कर दिया जाए। जिससे सही समय पर दस्तावेज मिल सके।

इस तरह जमीन के अधिग्रहण का चलेगा पता

 

 

अधिकतर यह हो रहा है की सड़क के लिए जब जमीन का अधिग्रहण होता है तो आने वाले समय में आवश्यकताओं का को ध्यान में रखते हुए जमीन आवश्यकता से थोड़ी अधिक ली जाती है। जैसे सड़क यदि दो लेन में बनी है तो जमीन फोरलेन के हिसाब से ली जाती है जिससे यदि भविष्य में सड़क के चौड़ीकरण के लिए योजना बनाई जाए तो उस जमीन का प्रयोग किया जा सके

परन्तु होता ये है की बड़ी हुई जमीन पर लोग अपनी जमीन समझ कर कब्जा करना प्रारंभ कर देते हैं।  लेकिन अब सड़क की जमीन से जुड़े हुए डॉक्यूमेंट के डिजिटाइजेशन में यह क्लियर हो जाएगा के कितने बड़े हिस्से में जमीन पर अधिग्रहण किया गया था।

 

डिजिटाइज्ड सिस्टम के द्वारा रोड पर खर्च राशि पता चलेगी

 

अब एक दशक में बनी रोड के बाकी डाक्यूमेंट्स को भी डिजिटाइज्ड किया जा रहा है। इससे यह सूचना रहेगी की सड़क का कंस्ट्रक्शन कार्य नए सिरे से कब हुआ, निर्माण पर कितनी राशि का खर्च आया। निर्माण की क्या-क्या खासियत , यह सब जानकारी इस सिस्टम के द्वारा पता लगाई जा सकेगी।

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