भागलपुर,( कुलसूम फात्मा )  अब महिलाएं प्रधान क्षेत्रीय बचत योजना के द्वारा मैट्रिक पास करने के बाद लाइसेंस लेकर डाकघर की एजेंट बन सकते हैं। और यह लाइसेंस जिला राष्ट्रीय पदाधिकारी के द्वारा इशु किया जाता है।

 

ये लगेंगे दस्तावेज।

 

बिहार की आबादी के लिए डाक विभाग ने कमाई के फाटक खोल दिए हैं। वह महिलाएं जो मैट्रिक पास हैं, वह डाकघर की एजेंट लाइसेंस लेकर बन सकती हैं। यह लाइसेंस जिला राष्ट्रीय पदाधिकारी के द्वारा इशु किया जाएगा जिसके लिए जरूरतमंद महिलाओं को शैक्षणिक प्रमाण पत्र के साथ साथ पैन कार्ड और आधार कार्ड तथा मोबाइल नंबर देना पड़ेगा। वह महिलाएं जो 18 साल से ऊपर की हैं, वही इसके लिए आवेदन कर सकेंगे।

 

और जिला राष्ट्रीय पदाधिकारी कार्यालय से इन महिलाओं को लाइसेंस इशु होने पर डाकघर में बचत खाता खुलवाना पड़ेगा। कमीशन की राशि उसी खाते में जमा होगी। यही नहीं बल्कि जिस डाकघर का महिला चयन करेगी, उसी डाकघर में उनका खाता खोलने के अलावा ग्राहकों की राशि भी जमा करनी पड़ेगी। किसी भी क्षेत्र के लोगों का खाता इन डाकघर में खोला जा सकेगा।

 

इसमें आवर्ती खाता केवल महिला एजेंट के लिए है। और जमा राशि पर एजेंट को 4% कमीशन मिलेगा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा राष्ट्रीय बचत खाता खोलने के लिए भिन्न-भिन्न लाइसेंस लेना पड़ेगा। इसमें 0.5% कमीशन मिलेगा  विभागीय अधिकारी से जब बातचीत की तो उन्होंने बताया हर एक वार्ड में डाक विभाग महिला एजेंट  बहाल करेंगी और इस लाइसेंस के लिए उनको ₹2000 जमा करना होगा और एजेंट बनने के बाद यह महिला महीने में तकरीबन 10000 से ₹25000 तक कमा पाएंगी।

 

मैट्रिक पास होना होगा अनिवार्य

वर्तमान समय की यदि बात की जाए तो वर्तमान समय में 60 से 70 महिलाएं एजेंट हैं। एजेंट बनने के लिए इन महिलाओं को मैट्रिक पास होने की आवश्यकता है। आवर्ती खाता कम से कम एक ₹100 में खोला जा सकता है। 1 वर्ष पहले ₹20 में यह खाता खोला जाता था, परंतु 5 साल की योजना वाले खाता खोलकर यह महिलाएं एजेंट माह में 50 से ₹75 तक कमीशन के रूप में कमा सकती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.