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बिहार,( कुलसूम फात्मा )  आज का दिन बिहार के लिए खास दिन रहा क्योंकि हेल्थ सेक्टर में आज बिहार को तोहफा मिला है। बिहार के सबसे पुराने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पीएमसीएच को आने वाले 5 वर्ष में 5426 बेड का अस्पताल बना दिया जाएगा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पुनर्विकास के लिए शिलान्यास तथा भूमि पूजन किया

इसके निर्माण में तकरीबन खर्च 55,40 करोड़ का होगा। पीएमसीएच को वर्ल्ड क्लास हॉस्पिटल बनाने की तैयारी की जा रही है। इस मौके पर नीतीश कुमार से कहा गया के 7 वर्ष की बजाय इस प्रोजेक्ट को 5 वर्ष में पूरा किया जाए तो बेहतर होगा। तीन चरणों में पूरा होने वाला इस प्रोजेक्ट से जुड़े कांट्रेक्टर और अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया और कहा इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में किसी तरीके की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। इसके साथ ही पैसों की भी कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

 

 


उन्होंने कहा इस अस्पताल की छत पर हेलीकॉप्टर उतरने से लेकर आधुनिक तरीके से हर तरह के इलाज की विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बिहार राज्य के किसी भी नागरिक को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा इस हॉस्पिटल कैंपस में शोध के साथ-साथ डॉक्टर मेडिकल स्टाफ और नर्स से लेकर मरीजों के स्वजनों तक रहने की पूरी व्यवस्था कराई जाएगी इस अस्पताल को गंगा पथ मुख्य सड़क की तरफ एलिवेटेड सड़क से भी जोड़ा दिया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा इस प्रोजेक्ट को 7 साल के बजाए कम करके 5 साल में ही पूरा किया जाएगा जल्द प्रोजेक्ट को पूरा करने में सरकार पूर्ण रूप से साथ देगी। काम कैसे चल रहा है, इसे देखने वह बीच-बीच में पहुंचेंगे और मुआयना करेंगे। उन्होंने कहा मुजफ्फरपुर और गया मेडिकल कॉलेज के विस्तार पर भी कार्य हो रहा है। राज्य में सर्वप्रथम अस्पतालों की स्थिति क्या थी, बताने की आवश्यकता नहीं है और कोरोना काल में किए गए कार्यों के लिए डॉक्टर तथा मेडिकल टीम ने जनता के लिए जो किया वह हमेंशा उनके आभारी रहेंगे कहा

 

2017 में भी विश्व स्तरीय अस्पताल बनाने का था प्रयास।

 

इस पुनर्निर्माण योजना के शिलान्यास कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा के 2017 में इस अस्पताल को विश्व स्तर पर ले जाने का पूरा प्रयास था और इस को अस्पताल बनाने का निर्णय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर लिया गया था। 1925 में इस हॉस्पिटल की स्थापना के बाद यहां विदेशों से स्टूडेंट पढ़ने आते थे। उस गौरवशाली दिनों को वापस लाना है। उन्होंने कहा 2017 में हॉस्पिटल को पुनर्निर्माण योजना पर कार्य प्रारंभ हुआ था और वर्तमान समय में पुनर्निर्माण योजना का शिलान्यास हो रहा है तो इस अस्पताल के जरिए पूरे विश्व में बिहार का संदेश जाना चाहिए और अस्पताल ये विश्व का दूसरा अस्पताल बनना चाहिए।

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