भारत में सस्ते हेलमेट के इस्तेमाल से बढ़ रहे सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए भारत सरकार ने एक बहुत ही अहम फैसला लिया है। हमारे देश में हेलमेट की गुणवत्ता को लेकर हमेशा से सवाल उठता रहा जिस पर लगाम लगाने के लिए सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय ने बहुत ही बेहतरीन फैसला लिया है।

 

 

1 जून 2021 से अगर कोई भी व्यक्ति बिना आईएसआई मार्क वाला हेलमेट पहने हुए सड़क पर पाया जाता है तो उस चालक के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज करके कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ उस चालक से जुर्माना भी वसूला जाएगा। सड़क के किनारे बिक रहे बिना आईएसआई मार्क वाला हेलमेट लोग सस्ता होने और पूलिस से बचने के लिए ख़रीद लेते है।

 

 

इस नए क़ानून ने इस बात का भी ध्यान रखा गया है, अगर वैसी हेलमेट बनेंगी ही नहि तो बिकेगी कैसे इसपर रोक लगाने के लिए प्रावधान यह है की अगर कोई भी हेलमेट निर्माता बिना आईएसआई वाला हेलमेट का निर्माण, मार्केटिंग, बिक्री या आयात करता है तो पकड़े जाने पर 1 से 5 लाख रुपए जुर्माना के रूप में देना होगा और साथ साथ 1 साल का कारावास भी भुगतना होगा।

 

 

यह क़ानून 2018 में ही बनाया गया जिसको 1 जून 2021 से लागू किया गया है। जिसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की भारत में सभी हेलमेट निर्माताओ को अब बीआईएस गुणवत्ता की आवश्यकता को हर हाल में पूरा करना अनिवार्य है। और साथ साथ ट्राफ़िक पुलीस को यह अधिकार दे दिया गया है की इन नीयमो का पालन नहि करने वालों का वो चालान करें और जुर्माना वसूली जाए।

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