#

बिहार सरकार सभी बिहारवासियो के बड़े समस्या का समाधान करने जा रही है, वो बड़ी समस्या बिहार के ज़मीनी विवाद का है, फ़िलहाल कोर्ट में ज़मीनी विवादों की संख्या इतनी अधिक है की इसको निपटाते निपटाते वर्षों बीत जाएँगे। और फिर ना जाने कितने नए मामले इस दौरान दर्ज भी हो जाएँगे। इन सभी झंझटो से छुटकारा पाने के लिए बिहार राज्य राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग नए व्यवस्था शुरू करने जा रही है। आए जानते है विस्तार से कैसे होगा विवादों का अंत और कैसे घटेंगे कोर्ट में मामलों की संख्या?

 

 

आपको बता दें की इस नयी व्यवस्था के तहत पंचायत के चौकिदार और दफादार अपने क्षेत्र के विवादों की जानकारी अंचल स्तर के सीओ और थानेदार को देंगे। अब हर शनिवार को स्थानीय थानेदार और सीओ बैठक कर के मामलों का निपटारा करेंगे। मामले के निपटारे के दौरान दो पक्षों का रहना अनिवार्य होगा। अब समस्या यह है की लोग अन्य मामलों के निपटरे के लिए भी यहाँ चले आते है। ख़ैर, इस समस्या से भी छुटकारा पाने के लिए एक और नई व्यवस्था की जा रही है।

 

 

इस व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए बिहार राज्य राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग अब वर्गीकरण करने जा रहा है। ऐसे मामले जो राजस्व न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय में भी लम्बित है वैसे मामले को इस बैठक में सुनवाई नही की जाएगी। ऐसे मामलो की सुनवाई एवं निस्पादन के लिए पहले ऊँच स्तर पर विचार विमर्श होगा उसके बाद निदान किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत सिर्फ़ नए और ताज़ा मामलों की सुनवाई की जाएगी।

 

 

अगर मामलों की बात की जाए तो इन दिनो या लॉकडाउन में सबसे अधिक मामले सड़क, सर्वजनीक ज़मीन, पुस्तैनी ज़मीन विवादों का देखा जा रहा है। इस नई व्यवस्था में दोनो पक्षों को समझकर उचित फ़ैसला किया जा रहा है। क़ब्ज़ा मिलने के बाद बेदख़ल हो या बासगीत की ज़मीन पर क़ब्ज़ा हो सभी प्रकार के मामले का निपटारा यहाँ किया जा रहा है। और सबसे अच्छी बात यह है की इस नई व्यवस्था का परिणाम भी अच्छा देखने को मील रहा है।

 

 

मिली जानकारी के अनुसार कोरोना संक्रमण के दूसरे लहर के दौरान शनिवार को साप्ताहिक बैठकों में हज़ारों मामलों का निपटारा सफलतापूर्वक किया जा चुका है। अब चुकी संक्रमण का दौर थोरा थमा है तो बिहार के सभी 534 अंचलो में इस नई व्यवस्था के तहत बैठक का सिलसिला शुरू कर दिया गया है। अब आपसे भी अनुरोध है की इस नई व्यवस्था का लाभ उठाए और कोर्ट में मामलों को ना ले जाकर स्थानीय थाना और अंचल स्तर पर अपने समस्या के समाधान करें। इससे समय और आर्थिक नुक़सान से आपको बड़ी राहत मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *