बिहार को एक और शानदार एक्सप्रेस-वे मिलने वाला है, जो की भारतमाला परियोजना का दूसरा फ़ेज़ के तहत बनाया जाएगा। इस एक्सप्रेस वे के बन जाने से बिहार से दिल्ली जाना और भी विकल्प उपलब्ध हो जाएगा। जानकारी के लिए आपको बता दें की इन एक्सप्रेस वे की कुल लम्बाई 600 KM है।

इस परियोजना में वन विभाग का ज़मीन इंस्तेमाल नही किया जाएगा, इसके अलावा क़रीब 1757 हेक्टेयर ज़मीन का अधिग्रहण किया जाना है। जिन अंचलो से यह एक्सप्रेस वे से गुजरेगा उन अंचलो के अधिकारियों से रिपोर्ट माँगी गयी है। सत्यापन करके यह रिपोर्ट NHAI को भेजी जाएगी। इस एक्सप्रेस-वे के बनने का सबसे बड़ा फ़ायदा वाराणसी से कोलकाता जाने वालों को मिलेगा, क्योंकि फ़िलहाल इस यात्रा में लगभग 12 से 13 घंटे का लगता है। अब इस नए रूट से यह समय घटकर मात्र छह से साढ़े छह घंटे का रह जाएगा।

सबसे अहम जानकारी बिहार में यह एक्सप्रेस वे कैमूर ज़िले के चाँद प्रखंड के ग़ोंई से प्रवेश करेगा, वाराणसी से आरम्भ होकर यह एक्सप्रेस वे कैमूर जिले के चांद प्रखंड क्षेत्र के गोईं में प्रवेश करेगा. जिगना, सिहोरिया, खांटी, बघायला, पिपरिया, मोरवा चैनपुर प्रखंड के सीरवीट, खखरा, मसोई, सिकंदरपुर, मानपुर, दुलहरा, भभुआ के मानिकपुर, देवरजी कला, बेतरी, कूड़ास,न सारंगपुर, पलका, भभुआ, सीओ, कुशदिहरा से होकर गुजरेगा।

इसके बाद माधवपुर, धरवार, सेमरा भगवानपुर के अकोढ़ी, दादरा, महिंद्र वार, रामपुर प्रखंड के दुबौली, पसाईं, बसुहारी, सोनारा, अकोढ़ी पछहरा, गंगापुर, वसीनी, ठकुरहट, सवार होते हुए रोहतास जिले के निशिजा में प्रवेश करेगा. रोहतास जिले में यह एक्सप्रेस-वे चेनारी, शिवसागर, सासाराम, तिलौथू से गुजरेगा.

 

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