बिहार में नए उद्योग को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है, बिहार के केंद्रीय मंत्री साहनवाज हुसैन ने जब से राज्य का कमान सम्भाला है, तब से लगातार निवेशको की संख्या बढ़ती देखी जा रही है। बिहार के लिए इथेनॉल कंपनियों ने लगभग 450 करोड रुपए का निवेश कर दिया है जो कि बिहार के औद्योगिक गति के लिए एक बहुत ही राहत भरी खबर है।

 

बिहार के कई जिलों में एथेनॉल उत्पादन की कई इकाइयों का ट्रायल शुरू हो चुका है जिसके बाद इन सभी इकाइयों से एथेनॉल का उत्पादन सुचारू रूप से शुरू हो जाएगा। नए एथेनॉल उत्पादन इकाइयों में ऐसी इकाइयां भी शामिल हैं जिन्होंने पहले से अपने उत्पादन के क्षमता को बढ़ाया है।

 

केंद्र सरकार द्वारा यह लक्ष्य रखा गया है कि आने वाले समय में विदेशों से पेट्रोलियम की आयात कम हो जिसके लिए देश में इथेनॉल से चलने वाले वाहनों को बढ़ावा दिया जाए इसके लिए इन एथेनॉल उत्पादन के इकाइयों का संचालन किया जा रहा है। एथेनॉल मिश्रित इंधन से अगर वाहनों को चलाया जाता है तो इसके कई फायदे हैं जैसे कि इस एथेनाल मिश्रित इंधन से प्रदूषण में भारी कमी होगी तथा अलग-अलग देशों से आने वाले पेट्रोलियम का आयात भी कम हो जाएगा।

 

बिहार के अलग-अलग जिलों में 75 केएलपीडी क्षमता वाले कई यूनिट पूरी तरह से तैयार हो चुके हैं, गोपालगंज जिले के राजापट्टी गांव में ₹40 करोड़ से 97.5 क़ेएलपीडी क्षमता वाले यूनिट का निर्माण किया गया है। उसी प्रकार पूर्णिया जिले में भी ईस्ट इंडिया बायोफ्यूल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा 96.76 करोड़ रुपए से 65 केएलपीडी क्षमता वाले यूनिट का निर्माण भी पूरा हो चुका है।

 

इसके अलावा बिहार के अन्य कई जिलों में भी नए एथेनॉल यूनिट के निर्माण के लिए काम शुरू किया कर दिया गया है। इसमें मुख्यतः नालंदा मधुबनी मुजफ्फरपुर बक्सर पटना भागलपुर जिला शामिल है, इन जिलों में अकेले मुजफ्फरपुर जिले में 3 एथेनॉल यूनिट का निर्माण किया जा रहा है।

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