सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय के द्वारा एक बड़ी खुशखबरी बिहार वासियों के लिए आ रही है। बिहार में तकरीबन आधा दर्जन से अधिक नए बाईपास के निर्माण के लिए मंत्रालय ने हरी झंडी दे दी है। यह नया बाईपास राज्य सरकार निश्चय टू योजना के तहत बनाए जा रहे बाईपास से बिल्कुल अलग है। राज्य सरकार द्वारा निर्माण बाईपासों में इन नए बायपास की गीनती नहि की जाएगी।

 

 

आइए जानते हैं किन जगहों पर नए बाईपास का निर्माण किया जाएगा। सबसे पहली स्वीकृति बिहार के सुपौल जिले में मिली है। जहां पर 11 किलोमीटर लंबे बाईपास का निर्माण किया जाना है जिसके डीपीआर को मंत्रालय द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अलावा जिले में यहां 11 किलोमीटर लम्बे बाईपास को मंज़ूरी मिली है।

 

 

आपको बता दें की इन सभी बायपासो में सबसे लंबा बाईपास जमुई जिले को मिला है। यह बाईपास 45 किलोमीटर लंबा है, जो कि जमुई के गंगटा जंगल का है। छपरा जिले से रिविलगंज में भी 7.15 किलोमीटर के बाईपास के निर्माण को मंत्रालय के द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।

 

 

इन सभी के अलावा पहले से संचालित कार्य योजना में कई बाईपास ऐसे हैं, जिसके निर्माण कार्य शुरू करने के लिए सहमति प्रदान की गई है। जिनमें एनएच 103 पर स्थित जंदाहा बाईपास है, जिसकी लंबाई लगभग 70 किलोमीटर है। इसी तरह एनएच 120 और एनएच 219 पर भी बाईपास निर्माण कार्य के लिए शुरू करने के लिए राशि की स्वीकृति दी गई है। यह दोनों पर बाईपास पीएम पैकेज का हिस्सा बताया जा रहा है।

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