शुक्रवार, दिसम्बर 3

भागलपुरवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी, 3.156 KM लम्बा फोरलेन ओवरब्रिज 1700 करोड़ बजट

सुल्तानगंज-अगुवानी पुल का पहुंच पथ मुंगेर-मिर्जाचाैकी फाेरलेन से जुड़ेगा। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने स्वीकृति दे दी है। इसका पत्र जिला प्रशासन काे भेजा है। पुल के पहुंच पथ और मुंगेर-मिर्जाचाैकी फाेरलेन जुड़ने के दाैरान बीच में रेल की पटरी और एनएच-80 भी आएगा। इसलिए इस बीच में ओवरब्रिज भी बनेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से स्वीकृति मिलने के साथ जिला प्रशासन ने इस दिशा में पहल तेज कर दी है।

अब उस इलाके का साेशल आडिट हाेगा। साथ ही वहां की जमीन चिह्नित हाेगी। जमीन आवासीय है या खेती योग्य, यह देखा जाएगा। इसके बाद जमीन चिह्नित कर भू-अर्जन की प्रक्रिया हाेगी। प्रभारी जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ब्रजेश कुमार ने बताया, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से स्वीकृति मिली है। अब जमीन चिह्नित करने व अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हाेगी। पुल के फाेरलेन से जुड़ने से एनएच-80 पर जाम की स्थिति नहीं बनेगी। भारी वाहन सीधे बिहार-झारखंड और बंगाल के लिए सीधे बाहर निकल सकेंगे।

पुल बनने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच की दूरी घट जाएगी सुल्तानगंज-मिर्जाचाैकी फाेरलेन पुल 3.156 किलोमीटर लंबा होगा। 22 किलोमीटर पहुंच पथ होगा। इसकी चौड़ाई करीब 25 मीटर होगी। कुछ जगहों पर डॉल्फिन देखने के लिए स्पॉट बनेंगे। वहां की चौड़ाई 33 मीटर होगी। पुल बनने से उत्तर और दक्षिण बिहार की दूरी घटेगी। इससे खगड़िया, सहरसा, महेशखूंट, बेगूसराय, मुंगेर, तारापुर, हवेली खड़गपुर, बरियारपुर, जमुई, बांका व भागलपुर के लोगों को फायदा होगा। विक्रमशिला सेतु और मोकामा पुल पर वाहनों का भी दबाव कम होगा।

पुल निर्माण का ठेका एसपी सिंघला कंस्ट्रक्शन को मार्च 2014 में मिला था। लेकिन जमीन की अड़चन दूर न होने से रुक-रुक कर पुल का निर्माण हो रहा है। करीब 1700 करोड़ से पुल बनेगा। पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव ने दावा किया था कि मार्च 2020 तक पुल चालू हाे जाएगा। लेकिन अब तक पुल का काम पूरा नहीं हाे सका है। काेराेना संक्रमण को रोकने के लिए हुए लाॅकडाउन में पहले काम बंद रहा। अब काम शुरू किया गया है।

मुंगेर-मिर्जाचाैकी के बीच फाेरलेन के तहत 92 माैजा की जमीन ली जाएगी। इसे लेकर 11 माैजा की जमीन का थ्री-जी प्रकाशन प्रक्रिया में है। प्रकाशन के 21 दिनाें के बाद रैयताें काे जमीन के मुआवजे का भुगतान शुरू होगा। इसके बाद फिर 11 माैजा की जमीन के थ्री-जी का प्रकाशन हाेगा। बता दें कि पथ परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने 12 जनवरी 2017 को इस रास्ते में आने वाले गांवों की अधिसूचना जारी की।

इसके बाद जमीन अधिग्रहण को लेकर प्रपत्र तीन ए का प्रकाशन सालभर पहले किया गया। फोरलेन के लिए 121 गांवों की जमीन अधिग्रहित करनी है। इनमें भागलपुर जिले के 92 माैजा की जमीन ली जाएगी। इनमें पीरपैंती 19, सुल्तानगंज 17, नाथनगर 11 और सबौर 11 माैजा की जमीन शामिल है। जमीन मिलने के साथ एनएचएआई इस दिशा में काम शुरू करेगा। एनएचएआई के अफसराें का दावा है कि जमीन मिलने के ढाई साल के अंदर फाेरलेन बनाकर तैयार कर लिया जाएगा।

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