बिहार में श्री कृष्ण सेतु के नाम से मुंगेर में बना रेलवे सह सड़क पुल कल सभी के लिए खोल दिया गया, जिस पर कल सैकड़ों की भीड़ देखने को मिली, लोग ऑटो रिक्शा निजी वाहनों मोटरसाइकिल से इस पार से उस पार जाते दिखे। बहुत ही खुशी का माहौल कल देखा गया। हालांकि मिली जानकारी के अनुसार इस ब्रिज से भारी वाहनों का परिचालन अभी रोका गया है।

 

क्योंकि यह पुल रेलवे विभाग द्वारा बनाया गया है जिस पर भारी वाहनों के परिचालन के लिए रेलवे द्वारा नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट परिवहन विभाग को लेना होगा, रेलवे ने अभी तक नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया है, आने वाले होली के बाद भारी वाहनों का परिचालन शुरू होने की उम्मीद है।

 

श्री कृष्ण तो चालू हो गया लेकिन इसके शुरू होने से मुंगेर के दर्जनों लोगों की रोज़ी रोटी छीन गयी, क्योंकि इस ब्रिज के बन जाने से लोगों ने पानी के रास्ते सफर करना छोड़ दिया, अचानक से जिन घाट पर हर रोज सैकड़ों लोगों का भीड़ मुंगेर से खगड़िया पानी जहाज के रास्ते आया जाया करते थे उन्होंने अपना रास्ता बदल लिया।

 

 

इस घाट पर दर्जनों दुकानें हैं जो उजड़ गई हैं इस घाट से लोग कई प्रकार के रोज़गार से अपना घर चलाते थे, जैसे जहाज का टिकट लेने के लिए टिकट काउंटर आसपास चाय समोसे की दुकान ये लोग 20 वर्षों से इस घाट पर मेहनत करके रोजी रोटी कमा रहे थे जिनके जीवन में अचानक से अंधकार छा गया है।

 

वह नजारा काफी भाऊ करने वाला था जब पूछताछ के दौरान कुछ लोगों ने कहा कि आज के बाद हमारा रिश्ता इस घाट से टूट जाएगा, हमारे पास कोई रोजगार नहीं रह गया और शरीर दूसरे काम करने के लिए अब सहज नहीं हो पाएगा। इस बात में 100 फ़ीसद सत्यता एवं स्पष्ट है की इस पूल के शुरू होने से रोज़गार बढ़ेंगे, विकास होगा लेकिन प्राथमिक तौर पर परिवहन विभाग उन लोगों को इ-रिक्शा या ऑटो का परमिट दे जो लोग सिर्फ़ घाट के ज़रिए ही अपना रोज़ी रोटी कमाते थे।

 

बिहार सरकार से हमारी यह गुजारिश है कि सर्वे करके उन सभी अलग अलग परिवार से एक एक सदस्य को इस नए श्री कृष्ण सेतु पर ई रिक्शा चलाने के लिए परमिट जारी किया जाए, तथा इनके लिए सस्ते ब्याज दरों पर ई-रिक्शा या ऑटो खरीदने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इस प्रयास से इन लोगों का रोजगार भी शुरू हो सकेगा और लोग यहां से पलायन करने से भी बच जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *