गोरखपुर,( कुलसूम फात्मा ) मेहवा मंडी में परिवर्तन लाने की कवायद तेजी के साथ चल रही है। महेवा स्थित फल सब्जी गल्ला तथा मछली और मंडी के दिन बहुत जल्द सुधरने वाले हैं क्योंकि मंडी में की गंदगी जल्द ही साफ की जाए विचार विमर्श हो रहा है सड़क शौचालय से लेकर पेयजल तक पूरी व्यवस्था में तकरीबन 4 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

 

 

वर्तमान समय में इस मंडी में साफ जल की सुविधा उपलब्ध नहीं है और शौचालय भी अस्त-व्यस्त हैं। सभी चेंबर भरे हुए जिनमें काफी बदबू आ रही है। अंदर की सड़कें भी टूटी-फूटी हैं। प्रकाश की भी कोई व्यवस्था नहीं है। हमेशा गंदगी इस मार्केट में बनी रहती है। पूर्वांचल की सबसे बड़ी मंडी होने के बाद भी यहां काफी गंदगी फैली हुई है। इसलिए इसको सुधारने के लिए शासन ने तकरीबन 4 करोड रुपए दे दिए हैं।  मंडी सचिव सेवाराम वर्मा से जब बातचीत की तो उन्होंने बताया मंडी के जीर्णोद्धार का प्लान बनना प्रारम्भ हो गया है। और आने वाले दिनों में मंडी में परिवर्तन आएगा तथा सारी व्यवस्था की जाएगी और लोग सभी सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

 

 

बता दें की मंडी के एंक्रोचमेंट को हटाने की व्यवस्था  की जा रही है। इस अतिक्रमण की वजह से कई जगहों पर पैदल चलने तक की जगह वर्तमान समय में नहीं बची है, जिससे गाड़ियों का निकलना बहुत ज्यादा मुश्किल हो जाता है। जिसके कारण मंडी समिति ने प्रशासन के साथ मिलकर एंक्रोचमेंट हटाने का प्लान बनाया है। इस बार अतिक्रमण करने वाले कारोबारियों से जुर्माना भी वसूला जा सकता है।

 

 

इस मंडी की समस्या गंदगी तथा जल के जमने मंडी की सबसे बड़ी दिक्कत में से एक है। सफाई ना होने की वजह से नालियां भी चोक करती रहती हैं। बारिश होते ही गंदा पानी दुकानों में घुसने लगता है। इससे ना केवल कारोबारी पर असर पड़ता है बल्कि व्यापारी तथा किसानों का भी नुकसान होता है। इस दिक्कत से निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने पैसे दे दिए हैं। व्यापारियों ने पिछले वर्ष इस समस्या से निजात पाने के लिए कई बार प्रदर्शन भी किया था, इसलिए प्रशासन ने मंडी में जगह ना होने पर अतिक्रमण को हटाने के साथ-साथ सभी सुविधाओं को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है और फिलहाल महेवा मंडी में निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा चुका है।

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