सोमवार, नवम्बर 29

अरब से आ रहे हैं वापस तो मत लाइए 50 हज़ार से ज़्यादा के सोना, TV, Mobile और इतना कैश, पूरी लिस्ट जारी

विदेश से आने वाली हर उड़ान के तीन से चार यात्रियों को सीमा शुल्क देना पड़ता है। ऐसा इसलिए क्योंकि अक्सर लोगों को कस्टम ड्यूटी यानी सीमा शुल्क के बारे में पता नहीं होता। जब अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने यात्रियों की मदद के लिए एयरपोर्ट कस्टम की डिप्टी कमिश्नर निहारिका लाखा से इस विषय में बात की। उन्होंने बताया कि विदेश यात्रा करने वालों को किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि विदेश से लौट रहे हैं और आपके पास कोई मूल्यवान वस्तु है तो उसकी जानकारी सीमा शुल्क अधिकारियों को देना जरूरी है। यह ‘डिक्लीयरेशन’ एक खास फॉर्म पर होता है जो कस्टम यात्रियों को उपलब्ध कराता है। इसके अलावा जिनके पास मूल्यवान वस्तुएं हैं और जिनके पास नहीं हैं, उनके लिए अलग-अलग कॉरिडोर होते हैं। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इतने आधुनिक स्कैनर आ चुके हैं कि किसी भी सूरत में छिपा कर लाया गया सोना या कीमती सामान बच नहीं सकता है। ऐसे में जानकारी देकर सीमा शुल्क अदा करें और परेशानी से बचें। इसके अलावा कस्टम विभाग की वेबसाइट www. cbic. gov. in पर पूरी जानकारी उपलब्ध है।

विदेश से आने वाले यात्री को व्यक्तिगत उपयोग के सामान पर 50 हजार तक सीमा शुल्क से छूट मिलती है। व्यक्तिगत उपयोग के लिए एक लैपटॉप या मोबाइल फोन ला सकते हैं।

यदि कोई 1 साल बाद लौट रहा है तो 50 हजार रु. या 17 ग्राम सोने के आभूषण लाने की छूट है। महिला यात्री को 1 लाख या 34 ग्राम वजन तक सोने के आभूषण लाने की छूट है।

कोई 6 महीने बाद लौट रहा है तो उसे सोने के आभूषण पर सीमा शुल्क छूट नहीं मिलती।

कोई 6 महीने से भी पहले लौटा है तो उसको सोने के किसी भी आभूषण पर 38.5 फीसदी की दर से भुगतान करना होगा।

एलईडी, एलसीडी या प्लाज्मा टीवी, व्यक्तिगत उपयोग के सामान की 50 हजार वाली छूट में शामिल नहीं होते।

 

कितनी विदेशी मुद्रा ला सकते हैं

विदेश से 5000 डालर के बराबर मूल्य की विदेशी मुद्रा साथ लाई जा सकती है।

10 हजार डॉलर मूल्य के बराबर फॉरेन एक्सचेंज, ट्रैवलर चेक ला सकता है।

25 हजार रु. तक भारतीय मुद्रा लाई जा सकती है।

भारतीय नागरिक अपने साथ 2 लीटर श-रा-ब और 100 स्टिक सिग–रेट ला सकता है।

अगर आप अपने साथ मूल्यवान आभूषण विदेश ले जा रहे हैं तो सरकारी मान्यता प्राप्त मूल्यांकनकर्ता से उसका आकलन कराएं। इसके बाद मूल्यांकनपत्र साथ लेकर सीमा शुल्क अधिकारियों को घोषित करें। इससे वापस आने पर शुल्क नहीं देना पड़ेगा।

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