दक्षिण-पश्चिम मानसून बुधवार को मुंबई पहुंच गया। मानसून की पहली बारिश में ही सांताक्रूज, अंधेरी, दादर, माटुंगा, ग्रांट रोड, सायन और मुंबई के सभी निचले इलाकों में जलजमाव हो गया। मौसम विभाग ने बताया कि मुंबई में मानसून तय समय से एक दिन पहले पहुंच गया है। बंगाल की खाड़ी से होते हुए मानसून 11 जून को ओडिशा और पश्चिम बंगाल तक पहुंचने की संभावना है। जिसका असर बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में दिखाई दे रहा है।

 

 

मौसम विभाग के मुताबिक 10 जून से 12 जून तक बिहार के उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व हिस्से के पश्चिम चंपारण, सीवान, सारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, मधुबनी सहित 19 जिलों में तेज गरज के साथ 6 से 32 एमएम बारिश होने की संभावना है। भागलपुर में आंधी बारिश की आशंका है। वहीं पटना, गया, नालंदा, बक्सर, रोहतास, भोजपुर, भभुआ सहित 14 जिलों में ग्रीन अलर्ट जारी किया गया है।

 

 

इसके मुताबिक 14 जिलों में स्थित कुछ जगहों पर सीमित समय में तेज बारिश, तीव्र वज्रपात और हवाएं चलने का अनुमान है।10 से 11 जून तक मॉनसून बंगाल व ओड़िशा में पूरी तरह विस्तार पा जायेगा. इधर बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवाती सिस्टम 11 जून को अपने पूरे रफ्तार में होगा. मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इसी सिस्टम की वजह से मॉनसून झारखंड और बिहार की तरफ से तेजी से बढ़ेगा. मॉनसून की सक्रियता के लिहाज से इस संभावना को बल मिल रहा है कि बिहार में मॉनसून समय पर दस्तक दे सकता है.

 

 

आइएमडी के बुलेटिन के मुताबिक बिहार में गर्मी अपने चरम पर बनी हुई है. प्रदेश में पुरवैया और पछिया हवाएं मध्य बिहार में टकरा रही हैं. इसकी वजह से वज्रपात और तेज बारिश की आशंका है। पछिया और पुरवैया के संगम होने पिछले 24 घंटे में चनपटिया में 110 मिलीमीटर, कटैया में 100 मिलीमीटर, फारबिसगंज, भोरे, रामनगर में 90-90 मिलीमीटर, नरपतगंज, निर्मली और ताइबपुर में 70-70 मिलीमीटर बारिश रिकाॅर्ड की गयी है. बारिश की वजह से प्रदेश में तापमान काफी नीचे गिर गया है।

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