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बिहार में एक और नई व्यवस्था सरकार के द्वारा शुरू की जा रही है. जिससे समस्त बिहार वासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। आमतौर पर जमीन की जमाबंदी जमाबंदी के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ता है। इस समस्या से निपटने के लिए बिहार सरकार ने रैयत अंचल के सभी कार्यालयों में नई व्यवस्था शुरू करने जा रही है।

 

 

सरकार ने 4:45 करोड़ जमाबंदी के डिजिटाइजेशन के काम को पूरा कर लिया है। जिनमें छुट्टियों को अभी ठीक किया जा रहा है जो कि साल के अंत तक पूरा होने का उम्मीद है। जमाबंदी ऑनलाइन जमा करने की सुविधा इस वर्ष के मार्च महीने से पूरी तरह से ठप है। अगर किसी को बुरा ना लगाएं जमा करना हो तो वह व्यक्ति रैयत अंचल कार्यालय में जाकर ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।

 

 

आने वाले समय में अगर एक बार किसी ने लगान ऑनलाइन जमा किया है इसके बाद आगे भी ऑनलाइन ही जमा होता रहेगा। मिली जानकारी के अनुसार बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एक अभियान के तहत परिमार्जन नाम से एक पोर्टल भी लॉन्च किया है। इस पोर्टल पर रैयत धारी अपने जमीन से जुड़ी जरूरी सूचना दर्ज करेंगे। और उनके अंचल में मौजूद अंचल अधिकारी इसमें सुधार करेंगे।

 

 

इस प्रक्रिया से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जमीन के खाता खेसरा रखवा के अलावा नाम में गड़बड़ी को भी सुधार लिया जाएगा। अगर एक बार यह सभी जानकारी यहां जमाबंदी में दर्ज हो जाती है तो रैयतधारी का सारा जमीन ऑनलाइन हो जाएगा। रिकॉर्ड की बात की जाए तो बिहार के जहानाबाद जिले ने इस व्यवस्था में सबसे अधिक कामयाबी हासिल की है।

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