बिहार ,( कुलसूम फात्मा ) विशेषज्ञों की सलाह पर राज्य सरकार ने प्लास्टिक की थैली के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया । इसके बाद भी बाजारों में प्रतिबंध के बावजूद थैली का प्रयोग किया जा रहा है जिला मुख्यालय के साथ साथ यहां के हाट बाजार में प्लास्टिक की थैली का इस्तेमाल दुकानदार कर रहे हैं। बता दें इसमें खासकर सब्जी, विक्रेता तथा फुटकर विक्रेता ग्राहकों को वह प्लास्टिक की थैली में बिना डर के सामान देते हैं। प्रारंभ के दिनों में जब प्रतिबंध लगा था तब प्रशासन का डर दुकानदारों में था। और पॉलिथीन का प्रयोग करना बंद कर दिया गया था।

 

 

परंतु प्रशासन ने फिर ढीलाई कर दी  यही कारण है की ,अब फिर से बाजारों में प्लास्टिक की थैली का प्रयोग तेजी के साथ किया जा रहा है। राज्य सरकार जहां स्वच्छता अभियान पर लाखों रुपए खर्च कर रही है वहीं दूसरी  तरफ प्लास्टिक की थैली का इस्तेमाल भी हो रहा है और अभियान में यही बाधक बन रहा है चिकित्सकों का कहना है प्लास्टिक के पॉलिथीन में गर्म खाने वाली सामग्रियों को रखने के पश्चात विषैली रासायनिक प्रतिक्रिया होना प्रारंभ हो जाती है। उस सामग्री का उपयोग करने के बाद सेहत में कमी आने लगती है जो बीमारी का कारण बन जाती है।

 

 

भरना पड़ेगा जुर्माना –

यदि प्लास्टिक की थैली का इस्तेमाल पहली बार करते पकड़ा तो 100 रू तथा दूसरी बार में 200 रू बार-बार पकड़े जाने पर 500 रू जुर्माना भरना पड़ेगा।

और प्लास्टिक कैरी बैग के व्यवसायिक इस्तेमाल पर पहली बार में 1500 दूसरी बार में 2500 तथा तीसरी बार में 3500 रू का जुर्माना भरना पड़ेगा।

सार्वजनिक स्थल पर यदि पॉलिथीन फेकी तो 200 दूसरी बार में 1500 तथा तीसरी बार में दो हजार जुर्माना देना पड़ेगा।

बैग के उत्पादन पर पकड़े जाने पर पहली बार में 2000 तथा दूसरी हजार में 3000 और तीसरी बार में 5000 रू देना पड़ेगा।

खुले में प्लास्टिक की पॉलीथिन जलाने पर पहली बार में दो हजार दूसरी बार में 3000 रू तथा बार-बार यदि पकड़ा गये तो 3500 रू जुर्माना देना होगा।

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