बिहार में इंसानियत का जीता जागता उदाहरण आज फिर से देखने को मिल गया। यह घटना किसी फिल्मी कहानी का पात्र नहि बल्कि हकीकत है बिहार के उन नर्सों का जिन्होंने है पूरे समाज को आईना दिखाने का काम किया है।  यह घटना बिहार के गया जिले से संबंधित है।  बीते दिन गुरुवार को शाम के समय दो भाई अपने ससुराल के लिए निकले थे लेकिन किन्हे पता था की  ससुराल को निकले हैं लेकिन अस्पताल को पहुंचना है।

 

बिहार के गया जिले से आ रहे इस खबर में बिहार के नर्सों ने समाज को आईना दिखाते हुए बेहद ही शानदार उदाहरण पेश किया है। ससुराल जा रहे दोनों भाइयों का सामने से आ रही कार से जोरदार टक्कर हो गया । यह घटना गया-परैया सड़क स्थित सरबदीपुर टांड़ पर की है दोनों युवक बाइक पर सवार थे टक्कर इतनी तेज थी बाइक सवार दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए और एक भाई के शरीर से बहुत ही ज्यादा खून बहने लगा।

 

उसी रोड से गुजर रही नर्सों में अनिता कुमारी सुनीता कुमारी रंजना कुमारी उषा कुमारी और डाटा एंट्री ऑपरेटर प्रियंका कुमारी सभी ने मिलकर दोनों भाइयों सड़क पर कराहते हुए देखा,  एक तरफ जहां लोग वीडियोस बनाने के चक्कर में लगे हुए थे। दूसरी तरफ इन नर्सों ने तुरंत घायलों की सहायता में लग गई।

 

शरीर से बहते खून रोकने के लिए एक नर्स ने अपने दुपट्टे से युवक के जख्म को बांधकर तुरंत प्राथमिक उपचार दिया उसके बाद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को फोन करके तत्काल एंबुलेंस भेजने के लिए सूचना दी ।जिसके बाद थाना पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंचकर दोनों को अस्पताल ले गए और बाइक को थाना भेजा गया। नर्सों की निशानदेही पर चार पहिया वाहन की तलाश में पुलीस जुटी हुई है, जिसका अब तक कुछ पता नहि चल सका है।

 

अगर उस वक्त यह नर्से  घटनास्थल पर  मौजूद  नहीं रहती तो  तो शायद गंभीर रूप से घायल एक युवक की जान चली जाती है। लेकिन नर्सों के शूजबुझ ने दोनों भाइयों की जान सलामत है। अगर प्राथमिक उपचार सही समय पर नही मिलता तो आगे का समय मुश्किल हो जाता। इन बेटीयों से हमें प्रेरणा लेने की जरूरत है,  की कभी भी घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाए । ना कि वहां खड़ा होकर वीडियो बनाएं।

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