गोरखपुर,( कुलसूम फात्मा )  बिजली उपयोग कर बिजली का बिल जमा न करने वालों को ढूंढने की तकनीक ढूंढ ली गई है। गूगल की सहायता से बकाया उपभोक्ताओं के घर पहुंचकर डिस्कनेक्शन टीम उनसे बकाये का प्रश्न करेंगी तथा बिजली कटेगी। अब डिस्कनेक्शन टीम को उपभोक्ताओं का घर ढूंढने में इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। वह सीधा उपभोक्ता के घर पहुंच कर बकाया बिल का सवाल कर पाएंगे।

 

 

रविवार के दिन बिजली निगम के चेयरमैन तथा अपर मुख्य सचिव जिनका नाम अरविंद कुमार है। उन्होंने वीडियोकांफ्रेसिंग के द्वारा मुख्य इंजीनियर तथा अधीक्षण इंजीनियर के साथ राजस्व वसूली और बिजली की व्यवस्था को सुधारने पर चर्चा की उप केंद्र डैेश बोर्ड की व्यवस्था और भी मजबूत करने की जानकारी देते हुए चेयरमैन ने कहा सभी उप केंद्रों का डाटा प्रतिदिन अपडेट किया जाएगा, जिससे ट्रांसफार्मर के लोड तथा उपभोक्ताओं की संख्या और बकायेदारों की संख्या आदि के बारे में पता चलेगा।

 

 

घर पर मीटर रीडिंग पहुंचने पर रिकॉर्ड होती है मार्ग मीटर रीडर घर जाकर अपने हैंड हेल्ड मशीन के द्वारा बिजली का बिल बनाता है। बिल बनते ही कंजूमर के कैंपस का मार्ग बिजली निगम के पास दर्ज हो जाता है। बता दें सिर्फ उन्हीं कंज्यू्मर के कैंपस का रूट नहीं मिल पाता है जहां पर मीटर रीडर एक बार भी नहीं लगाए गए हैं।

 

इस तरह से डिस्कनेक्शन टीम इसी के जरिए कंज्यूूमर के घर पहुंचेगी तथा उनसे बकाया बिल का प्रश्न कर उनके घर की बिजली काट सकेगी तथा मुख्य अभियंता देवेंद्र सिंह और अधीक्षण अभियंता सिटी यू सी वर्मा ने बातचीत में बताया के चेयरमैन ने स्मार्ट मीटर वाले बकायेदारों का कनेक्शन तेजी से काटने के निर्देश दे दिए हैं। सोमवार से बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई तेजी से और की जाएगी ।

 

 

जानिए किस प्रकार से ढूंढा जाएगा उपभोक्ता का घर

चलिए मान लेते हैं कंज्यूमर का बिल लगभग ₹25000 बाकी है। अब उपकेंद्र पर मौजूद अवर अभियंता अपने मोबाइल में ऐप का इस्तेमाल कर 25,000 से अधिक बकायेदारों की संख्या पता लगाने के लिए उस ऐप का इस्तेमाल करेंगे और क्लिक करेंगे और 1 – 1 की जिन उपभोक्ताओं का बिल बकाया है, उनकी डिटेल सामने आ जाएगी। इस डिटेल में उप केंद्र से उपभोक्ता के घर तक पहुंचने के मार्ग की जानकारी का भी ऑप्शन उसी में होगा इस पर क्लिक करते ही गूगल मैप के द्वारा उपभोक्ता तक इंजीनियर पहुंच जाएंगे।

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