बिहार में बीती रात 9:23 पर भूकंप के झटके महसूस किए गए जिसका केंद्र बिहार के नालंदा जिले से 20 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है जो कि पटना लाल नालंदा के बीचो बीच स्थित है मिली जानकारी के अनुसार इस भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 3.5 रिकॉर्ड की गई है।

 

 

भूकंप का केंद्र 5 किलोमीटर गहराई में होने की वजह से बिहार के भागलपुर गया औरंगाबाद नालंदा नवादा बक्सर एवं पटना जिले समेत कई जिलों में झटके महसूस किए गए। रात 9:30 बजे के करीब जब अचानक घरों के पंखे हिलने लगे तो लोग भयभीत होकर घर से बाहर निकलने लगे पटना की सड़कों पर देर रात काफी लोग देखने को मिले जो देर रात तक सड़कों पर डर के मारे बैठे रहे ।

 

 

देखते ही देखते दुकानों के बाहर भी लोगों की भीड़ लग गई, पटना के बोरिंग रोड आशियाना नगर पटेल नगर इन क्षेत्रों के लोग तुरंत अपने घरों से बाहर निकल गए। अधिकांश लोगों को यह महसूस नहीं हुआ कि भूकंप आया है।१९३४ लेकिन टेलीफोन के माध्यम से लोगों ने एक दूसरे को भूकंप की जानकारी दी जिससे यह बात आग की तरह फैल गई। हालांकि अब तक पूरे बिहार में इस भूकंप से किसी प्रकार की जान माल की क्षति या किसी भी प्रकार का नुकसान होने की सूचना नहीं है।

 

 

सबसे ज़रूरी सूचना यह है कि वैज्ञानिकों के अनुसारबिहार में सन 1934 कि भूकंप के जैसा ही भूकंप कभी भी आ सकता है, अगर ऐसा होता है तो बिहार को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। 1934 में 15 जनवरी को आया 8.5 तीव्रता वाले भयानक भूकंप ने बिहार और नेपाल को भारी नुक़सान पहुंचाया था।जिसमें बिहार के मुंगेर जिले को पूरी तरह से तबाह कर दिया था ।इस विनाशकारी भूकंप में बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सबसे अधिक ढाई हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।

 

 

आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर एमेरिटस डॉ. आनंद एस आर्या के अनुसार बिहार में ऐसा ही भूकंप कभी भी आ सकता है, अगर ऐसा हुआ तो बिहार से दिल्ली के बीच की धरती बुरी तरह काँपेंगी। भूकंप के दौरान यदि आप घर से बाहर है तो ऊंची बिल्डिंग और बिजली के पोल से दूरी बना कर के रखे। एवं कमजोर पुलों तथा यदि अपनी गाड़ी चला रहे हैं तो गाड़ी रोककर उसी में बैठे रहे। अगर आप ऊँची इमारतों में रहते हैं तो भूकम्प की सूचना मिलने के बाद बाहर निकलने के लिए लिफ्ट का इस्तेमाल भूल कर के भी नहीं करें ।

 

 

भूकंप के दौरान यदि आप अपने घरों में है तो घर के किसी कोने में खड़े रहे या फिर मजबूत टेबल या चौकी के नीचे छुप जाएं। हमारा यह खबर आपको भयभीत करना नहीं बल्कि जागरूक करना है कि अगर भूकंप आता है तो किस प्रकार आप खुद की रक्षा कर सकते है। या आने वाले मुस्किलो का सामना करने के लिए पहले से ही सतर्क करना एवं सामना करने के लिए तैयार करना है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published.