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भागलपुर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरात है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत कार्य तो हो रहा है लेकिन धरातल पर पूरी तरह से दिखा नहि रहा। मानसून की बारिश ने स्मार्ट सिटी का पूरा पोल खोल कर रख दिया है। दूसरी ओर शहर के जल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाया जा रहा है। जिसके लिए पूरे शहर में जगह जगह गढ़ा खोदा गया है। बारिश के बाद ये गढ़े आम लोगों के लिए मुसीबत बन चुकी है,  क्योंकि गढ़े की वजह से पूरे सड़क पर मलबा फैला रहता है।

 

 

बीते साल हमने देखा है भागलपुर में जगह जगह ई-टायलेट बनाया गया था, महज़ चंद महीनो में सभी टायलेट की धज्जियाँ उड़ गयी। आम लोगों ने भी उसे सम्भालने की कोसिस नहि की जिसे जो मं हुआ उठा कर तोड़कर ले गए। टोयलेट में पानी की कमी के वजह से इस्तेमाल होने के बाद गंदगी रह गयी और ऐसा होते होते टायलेट पूरी तरह से ख़त्म ही हो गया। अब फिर से भागलपुर स्मार्ट सिटी फंड से शहर के 25 स्थानो पर ई-टायलेट बनाने का फ़ैसला लिया गया है। लेकिन यह टायलेट पुराने टायलेट से बिलकुल अलग होगा।

 

 

यह ई-टायलेट पूरी तरह से आधुनिक होगा, इसके निर्माण कार्य का बजट 2.62 करोड़ रखा गया है। टेंडर खुलने के बाद दो कंपनियो ने भाग लिया है जिनका नाम मेसर्स रिलाइबल इंटरप्राइजेज और मेसर्स रीता श्री इंटरप्राइजेट है। तकनीकी बिड में इन दोनो एजेंसियो ने कवलिफ़ाई कर लिया है। बता दें की काम के लिए चुनी जाने वाली एजेंसी को एक साल के भीतर सभी कार्यों को पूरा करना होगा और अगले पाँच वर्षों तक मेंटेंनेंस भी करना होगा।

 

 

पिछले बार जो ई-टायलेट बने थे ये वाला उससे बिलकुल अलग और आधुनिक होगा, क्योंकि इस टायलेट को इस्तेमाल करने के बाद अपने आप फ़्लश चालू हो जाएगा, जिससे गंदगी और बदबू फैलने वाली समस्या नहि होगी। इसके अलावा हम भागलपुरवासियो का भी यह कर्तव्य होता है की अगर हम इन टायलेट को इस्तेमाल कर रहे है तो उसे अच्छे ढंग से इस्तेमाल करें। सभी कार्य सरकार नहि कर सकती ये हम और आप वाख़ूबी जानते है।

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