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8 साल पुराने वाहन को हटाने के प्रस्ताव को मिल गयी है मंजूरी

 

बिहार,( कुलसूम फात्मा ) आबो हवा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए मंत्रालय ने खास निर्णय लिया है। की 15 – 20 साल पुरानी सरकारी गाड़ियों के पंजीयन कैंसिल कर दिये जाएं , और परिवहन से जुड़ी 8 वर्ष से पुराने सभी वाहनों को ग्रीन टैक्स देना पड़ेगा और जी रोड टैक्स 10% से 25% भी हो सकता है।

 

क्योंकि पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय सरकार परिवहन तथा राजमार्ग मंत्रालय ने इस प्रपोजल को स्वीकृत प्रदान कर दी है। प्रस्ताव को नोटिफाइड करने से पूर्व हुई इस मामले में राज्यों का सुझाव भी लिया जाएगा। प्रस्ताव को राज्यों के पास भेजा जा रहा है।  रिनेवल के दौरान ग्रीन टैक्स देना पड़ेगा। 15 वर्ष पुरानी निजी वाहनों के पंजीयन सर्टिफिकेट के रिन्यूअल पर भी ग्रीन टैक्स लग जाएगा। सिटी बस जैसे कि सार्वजनिक वाहनों पर कम ग्रीन टैक्स देना पड़ेगा।

 

इन गाड़ियों की अवधि के पश्चात ऑटोमेटेड फिटनेस सर्टिफिकेशन सेंटर पर ऐसी गाड़ियों को खुद रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिए जाएंगे। पुरानी गाड़ियों को रोड से हटाने का फैसला सेंट्रल गवर्नमेंट के स्तर पर लिया जा रहा है। बता दे की 8 वर्ष पुराने सरकारी वाहन का पंजीयन 1 अप्रैल 2022 से रद्द करना प्रारंभ होगा  और यह जानकारी बिहार ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों को भी दी गई है। केंद्रीय सड़क राजमार्ग तथा परिवहन मंत्रालय की तरफ से तैयारी की जा रही है की इस टेक्निक का नाम व्हीकल स्क्रेपिंग पॉलिसी दिया जाए तथा इस नीति को लागू करने के पूर्व सरकार ने राज्यों से इस पर अपने अपने सुझाव दें कहा है।

 

मतलब के प्रस्ताव के जरिए पुरानी गाड़ियों को सड़क से हटाया जाएगा इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। पुरानी गाड़ियां कम से कम सड़कों पर अब दिखे इसके लिए रजिस्ट्रेशन फी में अनएक्सपेक्टेड वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। इन गाड़ियों में वह गाड़ियां जो खासकर 15 साल पुरानी हो चुकी हैं उनके रजिस्ट्रेशन फी में दो से 3 गुना तक वृद्धि की जा सकती है। ऐसी गाड़ियों से फिटनेस सर्टिफिकेट फिटनेस टेस्टिंग के नाम पर भी काफी बड़ी रकम वसूली जाएगी और 15 साल पुरानी गाड़ियों के एंट्री पर शहर में मनादगी होगी।

 

 

 

 

जाने क्या है उद्देश्य

उपर्युक्त व्यवस्था का उद्देश्य है की राज्य का वातावरण स्वच्छ होगा तथा ईंधन खपत में कमी आएगी ,और नई-नई गाड़ियों का प्रचलन बढ़ेगा, इसके साथ ही अनावश्यक शोर-शराबा तथा रफ्तार में भी रुकावट आएगी ,तथा सड़क दुर्घटना पर भी लगाम कसेगी।

और मंत्रालय के अनुसार ग्रीन टैक्स लगने से कई और भी लाभ होंगे प्रदूषण फैलने वाले वाहनों का कम इस्तेमाल होगा। ग्रीन टैक्स की कारण लोग कम प्रदूषण वाले वाहन इस्तेमाल करेंगे। अनुमान के हिसाब से वाहनों में होने वाले प्रदूषण में 65 से 70% हिस्सेदारी कमर्शियल वाहनों की ही होती है। टोटल वाहनों में कमर्शियल वाहनों की संख्या तकरीबन 5% है। मंत्रालय ने बताया वाहनों से होने वाले प्रदूषण में साल 2000 से पहले निर्मित वाहन 15% का योगदान रखते हैं। कुल वाहनों में इनकी संख्या 1% से भी कम है।

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