Thursday, January 27

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महज़ 21 साल की उम्र में अंसार शेख इन कठिन सवालों का जवाब देकर बने थे IAS
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महज़ 21 साल की उम्र में अंसार शेख इन कठिन सवालों का जवाब देकर बने थे IAS

यूपीएससी की परीक्षा पास करने के लिए काफी तैयारी करनी पड़ती है और सही रणनीति से यदि तैयारी की जाए तो प्रतियोगी यूपीएससी परीक्षा पास करने का सपना साकार हो सकता है आज हम अंसार शेख के बारे बताते हैं जिन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षा 21 साल की उम्र में पास कर परिवार का नाम रोशन किया।     बता दें आईएएस अंसार शेख, अनस शेख अहमद के बेटे  जालना जिले के महाराष्ट्र के शेल गांव के रहने वाले और पिता भारत के महाराष्ट्र मराठवाड़ा क्षेत्र में एक ऑटो रिक्शा चालक के रूप में कार्यरत हैं और उनकी मां तीन है जिनमें से अंसार शेख दूसरी पत्नी के बेटे हैं। वह एक फील्ड वर्कर हैं तथा भाई एक स्कूल ड्रॉपआउट है, जिसने सातवीं कक्षा में रहते हुए ही अपनी स्कूली शिक्षा को छोड़ दिया और अपने परिवार की सहायता करना शुरू कर दी थी और गैरेज में कार्य करके यूपीएससी परीक्षा की तैयारी में अपने भाई अंसार की भी सहायता की थ...
IAS success story – सिविल सेवा परीक्षा में सूरज ने दिए थे फिल्मी सवालों के जवाब
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IAS success story – सिविल सेवा परीक्षा में सूरज ने दिए थे फिल्मी सवालों के जवाब

IAS success story ,( कुलसूम फात्मा ) आईएएस ऑफिसर बनने की सभी की इच्छा होती है लेकिन जो सही रणनीति और संघर्ष के साथ तैयारी करता है उसी को सफलता हासिल होती है और जब कड़ी मेहनत की बात आती है तो सूरज कुमार राय का भी नाम साथ आता है। जी हां, सूरज ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2017 में 117 वी रैंक प्राप्त की थी। बता दें सूरज यूपी के जौनपुर के मुफ्तीगंज इलाके के पेसारा गांव के रहने वाले हैं सूरज इस परीक्षा में सफलता का श्रेय वह अपने परिवार के सदस्यों को देते हैं, जिनमें से उनके पिता स्वर्गीय महेंद्र राय को खास कर ।     सूरज ने अपनी शिक्षा इलाहाबाद से कि इन्होंने मोतीलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के पश्चात सिविल सेवा परीक्षा से पहले इनका चयन सहायक कमांडेंट के पोस्ट पर हुआ था। लेकिन यह वहां का कार्यभार संभालते के उससे पहले आपकी नियुक्त ...
मनीष कुमार ने UPSC परीक्षा पास करने की बताई रणनीति इन्होंने प्राप्त किया 49वा स्थान जाने कैसे ?
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मनीष कुमार ने UPSC परीक्षा पास करने की बताई रणनीति इन्होंने प्राप्त किया 49वा स्थान जाने कैसे ?

मुंघेर जिले के छोटे से गांव विषय में रहने वाले मनीष कुमार ने अपने पहले ही प्रयास में UPSC 2020 में 49वा स्थान हासिल करा ना के केवल गांव का नाम भी रोशन किया साथ ही पूरे देश मे अपनी सफलता का परचम लहराया..     सफलता का श्रेय दिया - साक्षात्कार के दौरान जब मनीष से बात की तो बताया इस सफलता के पीछे उनके माता पिता, बहनों और दोस्तो का काफी बड़ा योगदान रहा है, वे हमेशा ही उसका उत्साह बढ़ाने हेतु मदद करते रहे , साथ ही बताया वो बी.टेक के विद्यार्थी रहे है और प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना शुरु से ही रहा   छोड़ी नौकरी - बता दे मनीष का बी.टेक पूरा होने के बाद वे नौकरी करने लगे थे, चूंकि सपना बड़ा था तो माता पिता से परामर्श नौकरी छोड़ कर दिल्ली की और रुख किया और 1 साल की तैयारी के बाद पूरे देश मे 49वा स्थान हासिल किया, जिससे वे काफी खुश है , मनीष ने कहा वे आईएएस बनके किसी बड़े प्रोजेक्ट...
UPSC -7 साल बाद फरहान अहमद खान बने आईएएस ऑफिसर, इंटरव्यू में पूछे प्रश्न,7 साल की बताई स्ट्रेटजी।
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UPSC -7 साल बाद फरहान अहमद खान बने आईएएस ऑफिसर, इंटरव्यू में पूछे प्रश्न,7 साल की बताई स्ट्रेटजी।

यूपीएससी परीक्षा पास करने वाले फरहान अहमद खान गुड़गांव के रहने वाले और शुरुआत की पढ़ाई गुड़गांव से ही करते हुए बीटेक किया अहमद हमेशा से आईएएस अफसर बनने का सपना संजोया करते थे। आपकी मां एक ग्रहणी है और पिता सरकारी ऑफिसर रहे यही कारण था के फरहान पर फाइनेंशली बर्डेन नहीं रहा। उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन पूरी करने के पश्चात यूपीएससी की तैयारी करने का निर्णय लिया। उसके बाद उन्होंने जामिया कोचिंग रेजिडेंशियल ज्वाइन कर ली। वह पूरी तरह से ठान चुके थे। सफलता पा कर ही वापस जाना है   धैर्य नहीं छोड़ा - फरहान अहमद खान को भी पांच बार असफलता निरंतर मिली। पांच बार असफलता के बाद उम्मीद नहीं हारी और अंत में अगले प्रयास में सफल हो गए। फरमान को अपना सपना साकार करने में कुल मिलाकर 7 साल का लंबा समय लगा। इस दौरान उन्होंने धैर्य नहीं छोड़ा था। जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव भी उन्होंने देखे परंतु सपना सच करने का ...
यू ही नहीं बनता कोई IAS इन स्थितियों से गुजरने के बाद हर प्रयास में मिली सफलता
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यू ही नहीं बनता कोई IAS इन स्थितियों से गुजरने के बाद हर प्रयास में मिली सफलता

यूपीएससी प्रतियोगिता में भाग लेने और लक्ष्य को पाने के लिए प्रतिभागी सोशल मीडिया से बिल्कुल दूर हो जाते हैं। परंतु यहां पर बिल्कुल विपरीत हुआ यूपीएससी परीक्षा देने के लिए इस सोशल मीडिया के जरिए कामयाबी हासिल की, जी हां हम बात कर रहे हैं यूट्यूब रोमा कहती हैं इंटरनेट के जरिए पढ़ाई करना बहुत ही सुविधाजनक होता है। तैयारी के वक्त हमें जहां कहीं भी दिक्कत आती है नेट के जरिए इसे और अच्छे से समझ सकते हैं।     रोमा श्रीवास्तव आईएएस कोचिंग के पैसे बचाए - रोमा श्रीवास्तव ने नेट रिचार्ज करा आईएस ऑफिसर बनने के लिए कोचिंग पर पैसे खर्च नहीं करे बल्कि सोशल मीडिया के जरिए परीक्षा की तैयारी की और जो टॉपिक समझ नहीं आता उसे फौरन यूट्यूब पर सर्च करके देख लिया करती थी     रोमा आईएस श्रीवास्तव ने बताया - यह सफलता मुझे चौथी कोशिश के बाद 2019 में मिली में पहले भी दो बार यूपीएससी परीक्ष...
IAS सृष्टि देशमुख इन 5 सवालों का जवाब देकर बनी थी UPSC टॉपर, मिला पहला स्थान
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IAS सृष्टि देशमुख इन 5 सवालों का जवाब देकर बनी थी UPSC टॉपर, मिला पहला स्थान

वैसे तो आप IAS सृष्टि देशमुख को जानते ही होंगे। उन्होंने भोपाल से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर यूपीएससी की तैयारी करने में लग गई थी और यूपीएससी परीक्षा में आपने पांचवा स्थान हासिल किया। और महिलाओं में पहला स्थान प्राप्त किया। यूपीएससी लिखित परीक्षा में देशमुख ने 895 नंबर तथा इंटरव्यू में 173 मार्क्स प्राप्त किए थे। इस तरह से यूपीएससी में देशमुख ने 1068 मार्क्स प्राप्त किए चूकि प्रत्येक प्रतियोगी का सपना होता है पहले ही प्रयास में यूपीएससी पास की जाए और इंटरव्यू में किस तरीके के सवाल पूछे जाते हैं तो आइए जानते हैं।     सबसे पहले यह प्रश्न किया गया था आप केवल 23 साल की हैं और क्या आपको नहीं लगता सिविल सर्विसेज के लिए अभी आपकी उम्र बहुत कम है और अभी देश के लिए आपकी नॉलेज भी कम है। ऐसे में आपको एक्सपीरियंस की आवश्यकता है। दूसरा सवाल सीडी देशमुख के संबंध में पूछा गया था - जिस...
इन आठ कठिन सवालों का जवाब देकर हिमांशु बने थे IAS, हासिल किए चौथी रैंक
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इन आठ कठिन सवालों का जवाब देकर हिमांशु बने थे IAS, हासिल किए चौथी रैंक

यूपीएससी की तैयारी कर रहा प्रत्येक प्रतियोगी यही चाहता है पहली ही बार में सफलता हाथ लगे और अपने साथ परिवार का नाम भी रोशन कर सकें लेकिन तैयारी करने के दौरान हम कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिसके कारण पहली ही बार में यूपीएससी पास करने का सपना साकार नहीं हो पाता और यदि हम इन गलतियों को अनदेखा करते हैं तो अंत में हार हाथ लगती है और जब हम इन गलतियों को सुधार लेते हैं तो सफलता हाथ लगती है। कुछ ऐसी ही कहानी है हिमांशु जैन की जिन्होंने तैयारी के दौरान गलती तो की परन्तु सुधारने के बाद सफलता हाथ लगी और यूपीएससी परीक्षा पास कर चौथी रैंक प्राप्त हुई।     हरियाणा के पलवल जिले के रहने वाले हिमांशु जैन ने अपनी गलती से सीख ली और अपने दादा का सपना साकार किया। आपको बता दें इनकी शुरूआत की पढ़ाई कक्षा 8 तक यही पलवल जिले से हुई और हिमांशु 13 साल की उम्र में दिल्ली पढाई के लिए आए और दिल्ली के ललवी...
बिहार के दो युवाओं ने मनाया अपने कंपनी का पहला वर्षगाँठ, भीषण लॉकडाउन में शुरू हुआ था कारोबार
Bhagalpur, Bihar, Motivation

बिहार के दो युवाओं ने मनाया अपने कंपनी का पहला वर्षगाँठ, भीषण लॉकडाउन में शुरू हुआ था कारोबार

भागलपुर, बिहार : बिहार की प्रतिष्ठित लैदर प्रोडक्ट्स मैन्युफैक्चरर कंपनी- लैदर्स जोन प्राइवेट लिमिटेड ने आज अपना पहला वर्षगांठ मनाया। जब सारी दुनिया लॉक डाउन झेल रही थी तभी दो मित्रों ने मिलकर 20 जुलाई 2020 को इस कंपनी को स्टार्ट किया था। कंपनी का विज़न है सभी लोगो को रिजनेबल प्राइस पर जेन्युइन लेदर प्रोडक्ट उपलब्ध करवाना। लैदर्स जोन का हेड ऑफिस बिहार के भागलपुर जिले में, ब्रांच ऑफिस पटना एवं फैक्ट्री आगरा और दिल्ली में अवस्थित है।     कंपनी के डायरेक्टर कुश सिंह एवं अभिषेक राज ने बताया की ” लैदर्स जोन बिहार की अपनी ब्रांड है जो पुरे भारत में जेन्युइन लेदर से बने जूते रीजनेबल प्राइस पे सप्लाई करता है। कंपनी फॉर्मल, कैजुअल जूते के साथ- साथ सेफ्टी शूज भी बनाती है। जल्द ही कंपनी स्पोर्ट शूज, लेदर बैग्स, लेदर बेल्ट्स एवं वॉलेट्स भी लांच करने वाली है।”     डायरेक्टर्स न...
पारंपरिक खेती छोड़कर सलाना 8 करोड़ का कर रहे प्रोडक्सन अब विदेशों में भी कर रहे सप्लाई
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पारंपरिक खेती छोड़कर सलाना 8 करोड़ का कर रहे प्रोडक्सन अब विदेशों में भी कर रहे सप्लाई

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के रहने वाले हरबीर सिंह किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। पॉलिटिकल साइंस से मास्टर्स की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी के बजाय खेती को करियर बनाने का प्लान किया। वे पिता के साथ मिलकर पारंपरिक खेती करने लगे। हालांकि इसमें कुछ खास मुनाफा नहीं हो रहा था। इसके बाद हरबीर को नर्सरी लगाने का ख्याल आया। उन्होंने 2005 में थोड़ी सी जमीन से नर्सरी की शुरुआत की। आज 16 एकड़ जमीन पर उनकी नर्सरी है। हर साल 8 करोड़ बीज का वे प्रोडक्शन कर रहे हैं। मध्यप्रदेश, राजस्थान सहित देशभर में किसान उनसे बीजों की खरीद करते हैं। इतना ही नहीं, इटली भी उनकी नर्सरी से पौधे जाते हैं। इससे अच्छा-खासा मुनाफा भी वे कमा रहे हैं।     45 साल के हरबीर कहते हैं, शुरुआत में कुछ साल बीतने के बाद मुझे यह एहसास हो गया कि पारंपरिक खेती में बहुत अधिक आमदनी नहीं है। इसलिए कुछ नया करने का विचार...
सोनू सूद की दरियादिली, क्या ये तस्वीर आपको याद है ? बिरसा मुंडा की पड़पोती
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सोनू सूद की दरियादिली, क्या ये तस्वीर आपको याद है ? बिरसा मुंडा की पड़पोती

बिरसा मुंडा जो एकमात्र नाम नहीं बल्कि बहुत ही बड़ी शख्सियत है।बिरसा मुंडा रांची जिले में जन्मे थे, वे एक आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी और लोकनायक थे। इनके बारे में कई कहानियां हमने सुनी है इन्होंने अपने मात्र 25 साल की जीवन में ऐसी मुकाम हासिल किया है जिसके लिए हमारा देश सदैव ऋणी रहेगा।     बिरसा मुंडा झारखंड के भगवान माने जाते थे, लेकिन हाल फिलहाल में सोशल मीडिया में छपी खबरों के अनुसार बिरसा मुंडा की पड़पोती सब्जी बेचते हुए नजर आई थी, जिसको दैनिक भास्कर के अखबार में दिखाया गया था। वायरल तस्वीर में भी बिरसा मुंडा की पड़पोती जिनका नाम जौनी मुंडा है, यह सब्जी बेचते हुए साफ साफ नजर आ रही। सोशल मीडिया पर बड़े-बड़े ग्रुपों में इस तस्वीर को शेयर किया जा रहा है।     अभिनेता सोनू सूद ने तुरंत एक्शन लेते हुए जॉनी मुंडा पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का ज़िम्मा उठा लिया। मिली जानकार...