आदित्यनाथ योगी जी ने मुख्यमंत्री बनने के साथ  गोरखपुर में मेट्रो ट्रेन के लिए जो सर्वे करने के लिए निर्देश दिए थे। सर्वे पूर्ण होने के पश्चात डीपीआर तैयार किया गया। और मंजूरी भी दी गई।  गोरखपुर शहर में लाइट रेल ट्रांजिट प्रोजैक्ट (एल आर टी) केडीपीआर शहर को मेट्रोपोलिटन शहर घोषित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है ।

 

 

जानते हैं कैबिनेट ने किन प्रस्ताव को दी मंज़ूरी –

रेल ट्रांजिट प्रोजैक्ट की लागत अंदाज़न 4672 करोड़ रुपये आएगी और दो कारीडोर बनेंगें
1. जिसमें से पहले कारीडोर में 14 स्टेशन होंगें। और यह कारीडोर श्यामनगर से मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तक बनेगा। जिसकी लंबाई 15.14 किमी होगी।
2. और दूसरे कारीडोर में 13 स्टेशन होंंगें जिसकी लंबाई 12.70 किमी होगी। और यह बीआरडी मेडिकल कालेज से ,नौसढ़ चौराहे तक बनेगा।  डीपीआर के अनुसार हर एक किलोमीटर पर एक-एक स्टेशन बनाया जाएगा। जिससे कि यात्रियों को यात्रा करने तथा अपने गंतव्य तक पहुंचने मे आसानी से मेट्रो द्बारा सेवा मिल सके। कैबिनेट ने इसके साथ ही अल्टरनेटिव एंड एनालिसिस रिपोर्ट को भी दी मंजूरी ।
जब गोरखपुर शहर को मेट्रोपालिटिन शहर का ख़िताब मिला तो कैबिनेट ने अल्टरनेटिव एंड एनालिसिस रिपोर्ट को भी दी मंजूरी । मानना यह है कि इसके परिणामस्वरूप यात्रियों को सुविधा होने के साथ साथ शहर के विकास में और रफ़्तार आएगी।

 

 

कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के पश्चात होगा यह काम।
1. शहरी विकास मंत्रालय को गोरखपुर में लाइट मेट्रो रेल चलाने संबंधी प्रस्ताव भेजा जाएगा ।
2. मेट्रो रेल चलाने का रास्ता होगा साफ ।
3. फंडिंग की व्यवस्था की जाएगी ।
4. जिसमे देखा जायेगा कि परियोजना पर खर्च होने वाले पैसो में से केंद्र सरकार कितने पैसे देगी।

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