बिहार में भौतिक और वर्चुअल रूप से 24000 उपभोक्ताओं के बीच हुए बैठक में बिजली दर के प्रस्तावों पर बहस हुई, जिसमें बिजली कंपनी के द्वारा मौजूदा बिजली दरों को बढ़ाने की मांग की गई वहीं उपभोक्ताओं द्वारा इसका विरोध भी किया गया है। बिजली कंपनी के अनुसार मौजूदा बिजली दर घरेलू शहरों के लिए 0 से 100 यूनिट के लिए ₹6.10 रुपए लिए जाते हैं, जिसमें लगभग 60 पैसे की बढ़ोतरी की मांग की गई है दूसरी ओर तथा 101 से 200 यूनिट के लिए ₹6 95 पैसे लिए जाते हैं, इसे बढ़ाकर ₹8.5 करने की मांग बिजली कंपनी द्वारा की गई है, तथा 201 से अधिक यूनिट खर्च करने वाले घरेलू शहरी उपभोक्ताओं के लिए 8.5 तय है।

 

 

बिजली कंपनी के द्वारा शहरों के कमर्शियल कनेक्शन के लिए 100 यूनिट तक खर्च करने वाले बिजली उपभोक्ता को ₹6 रुपए 35 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिल देना होता है इसे बढ़ाकर ₹6 रुपए 98 पैसे करने की मांग की गई है। वही 101 से 200 यूनिट तक शहरी कमर्शियल बिजली उपभोक्ताओं को ₹6 रुपए 25 पैसे के हिसाब से बिल का भुगतान करना होता है जिसमें बिजली कंपनी के द्वारा बढ़ाकर ₹7 रुपए 53 पैसे करने की मांग की गई है। उसी प्रकार 201 से अधिक यूनिट खर्च करने वाले शहरी कमर्शियल बिजली उपभोक्ताओं को फिलहाल ₹7 रुपए 40 पैसे के हिसाब से बिल का भुगतान करते हैं जिसे बढ़ाकर ₹8 रुपए 13 पैसे करने की मांग बिजली कंपनी ने की है।

 

 

दूसरी ओर घरेलू ग्रामीण बिजली उपभोक्ताओं के लिए 50 यूनिट तक जहां 6रु 10 पैसे के हिसाब से भुगतान करते हैं उसे बढ़ाकर ₹6 रुपए 70 पैसे करने की मांग की गई है। तथा 51 से 100 यूनिट तक वर्तमान दर ₹6 रुपए 40 पैसे हैं जिसे बढ़ाकर ₹7 रुपए तीन पैसे करने की मांग की गई है, एक सौ से अधिक यूनिट इस्तेमाल करने वाले बिजली उपभोक्ताओं को ग्रामीण इलाकों में ₹6 रुपए 70 पैसे के हिसाब से भुगतान करना होता है जिसे बढ़ाकर ₹7 रुपए 36 पैसे करने की मांग की गई है।

 

ग्रामीणों में कमर्शियल बिजली उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक के इस्तेमाल के लिए फिलहाल 06 रुपए 40 पैसे के हिसाब से भुगतान करना होता है जिसे बढ़ाकर ₹7 रुपए तीन पैसे करने की मांग की गई है। तथा 101 से 200 यूनिट इस्तेमाल करने वाले ग्रामीण कमर्शियल बिजली उपभोक्ताओं को फिलहाल ₹7 प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान करना होता है जिसमें 69 पैसे की बढ़ोतरी की मांग की गई है। 200 से अधिक यूनिट इस्तेमाल करने वाले ग्रामीण कमर्शियल बिजली उपभोक्ताओं को फिलहाल ₹7 रुपए 55 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान करना होता है जिसे 8 रुपए 30 पैसे करने की मांग की गई है।

 

इस बैठक के बाद बिजली कंपनी द्वारा किए गए दावे तथा उपभोक्ताओं के पक्ष को सुनने के बाद बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने अपने फैसले को सुरक्षित रख लिया है, इसका फैसला आने वाले 15 मार्च को किए जाने की संभावना है जिसके बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि बिजली दर बढ़ेगी या राज्य सरकार बिजली कंपनी को अनुदान राशि प्रदान करेगी।

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