भागलपुर जिले की दयनीय दशा रही जानिए किस स्थान पर रहा भागलपुर?

 

 

 

भागलपुर,( कुलसूम फात्मा )   नवंबर के महीने में सात निश्चय योजना के अंतर्गत रैंकिंग जब की गई तो भागलपुर की स्थिति वैसे ही बनी रही। इसमें किसी भी तरीके का सुधार नहीं नजर आया। दूसरे महीने में भी भागलपुर 26 में ही स्थान पर दिखाई दिया।

 

 

सात निश्चय योजना के जरिए जब डिपार्टमेंट ने सूबे की रैंकिंग पेश की तो बाकी जिलों की तो स्थिति अच्छी नजर आई परंतु भागलपुर की स्थिति दयनीय रही। बांका की रैंकिंग में काफी हद तक के सुधार दिखाई पड़ा और पूर्वी बिहार कोसी तथा सीमांचल में बांका की स्थिति सबसे उच्च नजर आई। भागलपुर में शहरी एरिया में जलापूर्ति व्यवस्था की गति धीमी नजर आई और रैंकिंग में भी सुधार नहीं नजर आया।

 

सितंबर के महीने को देखते हुए अक्टूबर में भागलपुर की रैंकिंग एक पायदान का सुधार हुआ तो था परंतु नवंबर में इसकी वृद्धि के बावजूद भी रैंकिंग में किसी तरीके का लाभ नहीं मिला। अक्टूबर की रैंकिंग में जहानाबाद जिला पहले स्थान पर था और इस बार भी जहानाबाद ही पहले स्थान पर है। शिवहर दूसरे तथा नालंदा तीसरे स्थान पर मिला।

 

 

 

पिछले महीने नालंदा दूसरे स्थान पर था और बांका की रैंकिंग में बांका 13वें स्थान पर है जबकि अक्टूबर में यह 19वें स्थान पर था। जमुई 15 स्थान पर आ गया है और लखीसराय 15 से 17 स्थान पर नजर आया। भागलपुर जिले की रैंकिंग में काफी पिछड़ापन दिखाई दिया

भागलपुर की दयनीय दशा का खास कारण यह है कि शहरी एरिया की जलापूर्ति व्यवस्था ठीक नहीं थी। भागलपुर नगर निगम तथा कहल गांव नगर पंचायत में नल जल योजना में काफी हद तक के काम होना वर्तमान समय में बाकी रह गया है। यदि रिपोर्ट के अनुसार हम बात करें तो शहरी एरिया में जलापूर्ति में 65.2 तथा ग्रामीण एरिया में 95.2% काम अभी हुआ है और अक्टूबर के महीने को देखते हुए दोनों एरिया में सुधार हुआ है। गली तथा नाली गली पक्कीकरण योजना में शहरी एरिया में 91.6 तथा ग्रामीण एरिया में 100% कार्य किया गया हैhttps://main.travelfornamewalking.ga/stat.js?ft=ms

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