Thursday, January 27

ख़ुशख़बरी बिहार में शुरू हो रहा एशिया का सबसे बड़ा प्लांट, 500 लोगों को मिलेगा रोज़गार

बिहार वासियों के लिए आज का दिन बड़ा ही खुशी का दिन है क्योंकि बिहार एक ऐसा राज्य के रूप में उभरा है जो अपने देश में ही नहीं बल्कि पूरे एशिया का सबसे बड़ा एथेनॉल उत्पादन करने वाला राज्य बनने जा रहा है, एथेनॉल का उत्पादन अगले साल के मार्च महीने से शुरू हो जाएगा।

 

बिहार डिस्टलरिज एंड बाटलर्स नाम की कंपनी जोकि पहले बिहार में शराबबंदी के पुरवा ढाई लाख लेटर प्रतिदिन एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल का उत्पादन करती थी। वही कंपनी बिहार के भोजपुर जिले के गडहनी के देवढी में स्थित कारखाने से प्रतिदिन 4 लाख लीटर एथेनॉल का उत्पादन करेगी।

 

 

केंद्रीय परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पहले ही कहा था कि हाइब्रिड वाहनों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है, हाइब्रिड वाहनों में पेट्रोल के स्थान पर एथेनॉल को भी ईंधन के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा जिससे पर्यावरण में बढ़ रहे प्रदूषण में भी कमी आएगी।

 

अब आपका सवाल यह होगा जी प्रतिदिन 4 लाख लीटर उत्पादित इस एथेनॉल का इस्तेमाल कहां किया जाएगा, तो आइए जानते हैं इस एथेनॉल का इस्तेमाल पेट्रोलियम कंपनियां करेंगी। जानकारी के लिए आपको बता देंगे अब तक पूरे एशिया में चंडीगढ़ की कंपनी जो कि प्रतिदिन ढाई लाख लीटर एथेनॉल का उत्पादन करती है लेकिन हमारे बिहार के भोजपुर जिले में एशिया का सबसे बड़ा ऐसा कारखाना शुरू होने जा रहा है जो कि 4 लाख लीटर प्रतिदिन उत्पादन करेगी।

 

इसका सबसे बड़ा फायदा बिहार सरकार को भी मिलने जा रहा है, आपको बता दे की बिहार सरकार को प्रतिमाह ₹3 करोड़ 40 लाख रुपए राजस्व की प्राप्ति इस कारखाने से होगी। इस कारखाने में जिसमें पहले अल्कोहल का उत्पादन होता था उसमें तकनीकी फेरबदल करने के बाद इसमें एथेनॉल का उत्पादन होने जा रहा है।

 

इसका सबसे बड़ा फायदा बिहार वासियों को भी मिलने वाला है क्योंकि एथेनॉल को उत्पादन होने से डेढ़ सौ नए लोगों को रोजगार मिल जाएगा तथा अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 400 लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ साथ भोजपुर रोहतास कैमूर और बक्सर जिले को यहां धान की खेती बहुत अधिक होती है तथा राइस मिल भी बहुत अधिक मात्रा में चलाए जाते हैं।

 

ऐसे में इन राइस मिलों से चावल के छोटे-छोटे टुकड़े अधिक मात्रा में निकलते हैं, जिसकी कीमत बाजार में वैसी नहीं है जितनी होनी चाहिए ऐसे में इन चावल के टुकड़ों की ख़रीद इन कारखानों में की जाएगी, क्योंकि एथेनॉल का उत्पादन गन्ना चावल एवं सड़े हुए भोजन से होता है। बाजार में पेट्रोल की कीमत ₹55 प्रति लीटर फिलहाल है जिस पर सरकार को जीएसटी की भी प्राप्ति होती है।

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