Thursday, January 27

35% से कम नुकसान होने वालों को मुआवजा नहीं देने का प्रावधान, 99 करोड़ से होगी भरपाई।

राज्य सरकार प्राकृतिक आपदा से पीड़ित किसानों को कई योजनाओं द्वारा लाभ पहुंचाने का प्रयत्न कर रही है। बता दें यास तूफान से आए हुए नुकसान का वर्तमान समय में सर्वे अंतिम चरण में हो रहा है। इसके पश्चात अब बाढ़ तथा बारिश से नुकसान हुई फसलों का भी सर्वे प्रारंभ कर दिया गया है। और इस सर्वे के पूरा होते ही सरकार किसानों की सहायता करेगी

 

कृषि सचिव डॉ एन सरवण कुमार से बातचीत के दौरान पता चला के प्रत्येक जिलों से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। जिन जिलों में अतिवृष्टि से बिछड़ा बर्बाद हो गया था, वहां के किसानों को ऑप्शनल फसल का बीज वितरण किया जा रहा है और सितंबर की 10 तारीख तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा। और कई जिलों के डीएम ने भी इस संबंध में सरकार के बीज वितरण कराने हेतु पत्र लिखा, वही कृषि सचिव डॉ एन सरवण कुमार ने बताया के, सरकार आपदा से पीड़ित सभी किसानों को ज्यादा से ज्यादा सहायता देने का प्रयत्न कर रही है।

 

बिहार राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ इलाके का हवाई जहाज तथा जमीनी सर्वे हवाई जहाज से किया और फसलों की हुई क्षति की भरपाई के लिए दिशा-निर्देश भी दिए। साथ ही वह किसान जिनका नुकसान 33% से कम हुआ है। उनको मुआवजा देने का प्रावधान नहीं है। और वह किसान जिनके फसल का नुकसान एक चौथाई हुआ है ऐसे ही किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।

 

कृषि इनपुट अनुदान योजना –
पीड़ित किसानों को कृषि इनपुट अनुदान योजना तथा आकस्मिक फसल योजना के द्वारा सहायता दी जा रही है साथ ही यास तूफान से हुई छति की भरपाई के लिए गवर्नमेंट ने 99 करोड़ की राशि आवंटित कर दी है आकणों के मुताबिक 25 जिलों में साढे चार लाख हेक्टेयर फसल का नुकसान हुआ है। इसमें गन्ना तथा सब्जी की फसलें भी सम्मिलित है।

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