Thursday, January 27

बिहार के 10 चीनी मिलो में होगा एथेनॉल का उत्पादन, इन ज़िलों के लोगों को मिलेगा बड़ा फ़ायदा

चीनी मिल इथेनॉल और सह बिजली उत्पादन प्लांट को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज बनाया जा रहा है। इन तीनों क्षेत्रों में प्लांट लगाने में निवेश को प्रोत्साहित करने हेतु नई पॉलिसी लाई जा रही है। इस पैकेज की सबसे खास बात यह है कि गन्ना उद्योग विभाग अपनी निवेश पॉलिसी में उद्योग विभाग की तरह ब्याज की क्षतिपूर्ति को सम्मिलित करेगा हालांकि 2014 में गन्ना उत्पादन पैकेज में यह बातें शामिल नहीं थी। और यदि देखा जाए तो उद्योग विभाग ब्याज क्षतिपूर्ति 10% तक देता है।

 

सूत्रों के अनुसार माने तो आकर्षण प्रोत्साहन पैकेज बहुत ही जल्द कैबिनेट में लाया जाएगा। पैकेज में अचल पूंजी निवेश पर पूंजी अनुदान को बढ़ाने के लिए विचार विमर्श हो रहा है। वर्तमान समय में अचल पूंजी निवेश पर तकरीबन 20% पूंजी अनुदान,और अधिकतम देखा जाए तो 15 करोड़ की राशि में जो भी कम हो देय है। हालाकि अनुदान को 25% करने पर वर्तमान समय में विचार चल रहा है। इस नई नीति में दिए जाने वाले अनुदान और छूट तथा प्रतिपूर्ति न्यूनतम 2500 टन क्रॉसिंग प्रतिदिन पर की जा सकेगी ।

 

पॉलिसी बनाने के लिए हो रहा है विशेष अध्ययन –

जानकारों की मानें तो पॉलिसी बनाने के लिए गन्ना उद्योग विभाग वर्तमान समय में बिहार की औद्योगिक निवेश पॉलिसी का खास अध्ययन कर रहा है। गन्ना उद्योग विभाग एथेनॉल उत्पादन के लिए शीरा नामक आधारित पॉलिसी पर अडिग रहेगा और दूसरी तरफ उद्योग विभाग की इन ऑल उत्पादन पॉलिसी भी ग्रीन आधारित है। गन्ना विभाग के संबंध में यदि बात करें तो उद्योगिक पॉलिसी में निवेश प्रोत्साहन संबंधित अधिक तकनीकी पहलू को अपनी पॉलिसी में सम्मिलित करेगा।

 

बिहार राज्य की 10 चीनी मिलें –
दूसरी तरफ बिहार राज्य की 10 चीनी मिलों में सिधवलिया चीनी मिल, हरिनगर चीनी मिल, बघा, लौरिया, संगौली, रीगा, नरकटियागंज के साथ-साथ मंझौलिया में एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा। रीगा मील एथेनॉल उत्पादन करने की काफी इच्छुक दिख रही है। साथ ही गुण उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए गन्ना उद्योग विभाग खाद प्रोत्साहन पैकेज भी तैयार कर रहा है। बता दें ज्यादा से ज्यादा चीनी उत्पादन राज्यों ने अपनी पॉलिसी को कम तथा ज्यादा संशोधन या फिर सुधार कर लिए हैं।

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