Wednesday, January 19

किसानों को मिलेगी 21 हजा़र नलकूप से 35 हजा़र रू सब्सिडी, खेती करना अब होगा आसान।

बिहार,( कुलसूम फात्मा ) बिहार किसानों की सहूलियत के लिए लघु जल संसाधन विभाग ने खेती को ध्यान में रखते हुए सिंचाई करने का आसान तरीका खोजा है। जिसको अभियान के द्वारा पूरा किया जाएगा। और लघु जल संसाधन विभाग सरकारी सब्सिडी बढ़ाने की भी तैयारी में लगा है।यह राज्य कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही तुंरत लागू कर दिया जाएगा,इस अभियान से किसानों को लाभ मिलेगा

 

 

जी हां, सिंचाई अभियान के द्वारा 2025 तक किसानों के खेतों में 21 हजा़र निजी नलकूप लग जाएंगे, और इससे किसानों को खेती करने में बढ़ावा मिलेगा। बता दें इससे पहले सिंचाई के लिए 70 पैसे प्रति यूनिट बिजली भी दी जाती है। हालांकि पंपसेट से सिंचाई के लिए 1 लीटर डीजल के रेट से तकरीबन 90 रू हो गया हैं। ऐसी स्थिति में डीजल पंपसेट से सिंचाई करने पर यदि देखा जाए तो प्रति घंटे पर 250 रू का व्यय होता है।

 

बिजली के जरिए से सिंचाई –

यदि किसान नलकूप से बिजली के जरिए से सिंचाई करे तो सिचाई पर 1 घंटे में तकरीबन साढ़े 3 से 4 रू तक खर्च हो जाते हैं। बता दें 70 मीटर गहराई के नलकूप के लिए 328 रुपए प्रति मीटर के रेट से तकरीबन 15000 हजा़र सब्सिडी दी जाती थी, परंतु अब इसे बढ़ाकर तकरीबन 35000 हजा़र करने की योजना बनाई जा रही है, जिसमें करीब 800 मीटर तक की गहराई के नलकूप के लिए 597 रू प्रति मीटर के रेट से ज्यादा से ज्यादा 35 हजा़र अनुदान दिया जाता था। परंतु वर्तमान समय में इसमे भी इजा़फा कर 50 हजा़र करने की योजना है जिससे किसानों को सहूलियत के साथ लाभ मिल सके।

 

100 करोड़ रुपए आवंटित ।

उपरोक्त योजना के लिए हाल ही में 100 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं और सभी योजनाओं की डीपीआर बनाने की वर्तमान समय में प्रक्रिया प्रारंभ है। बरसात के बाद इसी वर्ष काम प्रारंभ करने की समय सीमा निश्चित की गई । और उपरोक्त योजना का लाभ तभी किसान ले सकेंगे जब उनके पास अपने नाम से कम से कम 40 डिसमिल खेती वाली जमीन होगी, जिसके द्वारा वह इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। लेकिन सब्सिडी का भुगतान भी ऑनलाइन होगा। सूत्रों ने बताया राज्य में मुख्यमंत्री का यह ड्रीम प्रोजेक्ट प्रत्येक खेत में सिंचाई योजना के द्वारा निजी नलकूप लगाए जाएंगे और प्रत्येक खेत तक सिंचाई का पानी निजी नलकूप योजना के द्वारा दिया जाएगा।

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