Wednesday, January 19

ग्रामीण सड़कों पर लगा यंत्र, सड़कों पर नहीं होंगी दुर्घटनाएं।

विभागीय अधिकारियों की मानें तो बिहार राज्य के शहरी क्षेत्रों के साथ साथ ग्रामीण इलाकों में भी दुर्घटनाएं के मामले बराबर सामने आते रहते हैं। बिहार में आंकड़ों के मुताबिक दुर्घटना 72% है। इन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए राज्य में शहरी सड़कों की तरीके से ग्रामीण सड़कों के लिए भी बंदोबस्त की कवायद तेजी से चल रही है ।

 

 

जिसमें एसएच, एनएच के साथ-साथ ग्रामीण सड़कों पर भी क्रैश बैरियर लगवाए जाने का सेंट्रल गवर्नमेंट ने निर्देश दिया,जिसके बाद सड़कों पर सुरक्षा से संबंधित साइनेज तथा स्पीड मापक यंत्र लगाए जाएंगे। परिवहन विभाग की तरफ से किए गए ऑडिट रिपोर्ट के पश्चात पथ निर्माण तथा ग्रामीण कार्य विभाग ने प्राथमिकता के जरिए कार्य प्रारंभ कर दिया है। इस क्रैश बैरियर के लगने से ग्रामीण इलाकों में दुर्घटनाओं में कमी आएगी। सूत्रों के मुताबिक ग्रामीण कार्य विभाग के अधीन 93760 किलोमीटर सड़कों में से 1862 मीटर पर सड़क दुर्घटनाओं के लिए खतरनाक हैं। इन जगहों पर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं,

 

12 स्थानों पर लग रहें साइनेज

बता दें साइनेज और स्पीड मापक यंत्र लगने से ग्रामीण सड़कों पर रात के अंधेरे में महफूज तथा सीमित रफ्तार से चलेंगेे जिससे गाड़ियों की गति सीमा में बनी रहेगी और पुलिसकर्मियों को भी सहायता मिलेगी। नेशनल हाईवे पर उपरोक्त के साथ भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग के अधीन आने वाले नेशनल हाईवे पर भी दुर्घटना कोे देखते हुए 300 स्थानों पर गति सीमा संकेतिक चिन्ह लगाए जा चुके हैं। वहीं दूसरी ओर पथ निर्माण विभाग के अधीन सड़कों में 5627 स्थानों को दुर्घटना को ध्यान में रखते हुए खतरनाक ठहराया गया जिसमें से चार 400 से ज्यादा स्थानों पर साइनेज लगाए गए हैं।

Leave a Reply

%d bloggers like this: