हर किसी का सपना होता है कुछ ना कुछ बनने का किसी का डॉक्टर बनने का तो किसी का इंजीनियर बनने का मेरा भी सपना था सिविल सर्जन बनने का – जी हां हम बात कर रहे हैं  अपूर्वा यादव की, अपूर्वा कहती हैं एक लड़की के लिए जिस समाज में नौकरी करना ही बहुत बड़ी बात हो वहां पर मैंने अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़कर अपने सपने को पूरा करने की ठानी और पहले प्रयास असफलता हाथ लगी दूसरी, तीसरी बार भी निराशा पाई लेकिन इस बार भी हिम्मत नहीं हारी और फिर एग्जा़म दिया और निराशा हमेशा की तरह हाथ लगी इसबार मैने सोचा एक बार मुझे और पेपर देना चाहिए और चौथी बार इस बार फिर पेपर दिया लेकिन इस बार मुझे 3 साल इंतजार करना पड़ा क्योंकि मेरा रिजल्ट पेंडिंग हो गया था

 

 

कई बार घर पर पैसे मांगने की जरूरत पड़ जाती थी 3 साल बाद आखिरकार रिजल्ट 2019 में आया और इसबार अपूर्वा  का सपना पूरा  हो गया था अपूर्वा ने  रैंक 13 यूपीपीसीएस 2016 में डिप्टी कलेक्टर का पद हासिल किया।  अपूर्व कहती है हमारी सोसाइटी में लड़कियां जब बढ़ने लगती हैं वह लड़की है उनको बार-बार याद दिलाया जाता है। मैं इस बात को साबित करना चाहती थी यदि कोई लड़का सपना देख सकता है तो लड़कियां क्यों नहीं, सपनों को साकार करने का लड़कियों को भी हक है ये मैं साबित करना चाहती थी और मैंने यह किया।

 

 

ट्वेल्थ क्लास अच्छे नंबरों से पास किया –


कहती है मैंने ट्वेल्थ क्लास अच्छे नंबरों से पास किया उसके बाद इंजीनियरिंग की,  मानना है इंजीनियरिंग कर के जॉब लग जाती है और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर अपूर्वा को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस में साफ्टवेयर इंजीनियर का काम करने का मौका मिला। लेकिन जी काम करके भी मुझे अंदर से संतुष्ट नहीं मिल रही थी और मुझे लगा कि मुझे सिविल सर्विसेज की तैयारी करनी चाहिए और मैं लग गई काफी परेशानियों के बाद मुझे मेरे संघर्ष का फल मिला।

Leave a Reply

Your email address will not be published.