सोमवार, नवम्बर 29

समस्त गोरखपुरवासियो के लिए खुशखबरी, शासन ने 20 करोड़ जारी करने की सुचना दी

जिले की लंबित करीब पांच सौ परियोजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए कमिश्नर जयंत नार्लिकर व जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पाण्डियन मंगलवार को लखनऊ में होंगे। प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल ने चार फरवरी को दोपहर तीन बजे से बैठक बुलाई है। जिसमें दोनों अफसर भाग लेंगे। बैठक में उन सभी परियोजनाओं पर चर्चा होगी, जो शासन में लंबित हैं या बजट के अभाव में रुकी हुई हैं।

इन सभी गतिरोधों को दूर कर इसी वित्तीय वर्ष में धन आवंटन की व्यवस्था करा दी जाएगी। जिससे शहर के विकास का मार्ग प्रशस्त हो सके। मार्च से पहले शहर को उन प्रमुख योजनाओं की सौगात मिल जाएगी जिसका लंबे समय से इंतजार था। नगर निगम, पुलिस-प्रशासन समेत अन्य विभागों के करीब पांच सौ प्रोजेक्ट शासन में फंसे पड़े हैं। इसके लिए संबंधित विभागों ने कई बार पत्र भी लिखा लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। कुछ ऐसी भी परियोजनाएं हैं, जिनमें कुछ तकनीकी अड़चने भी हैं।

बैठक में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित इंटीग्रेटेड भवन, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना, गैसीफायर योजना, सड़क व अमृत योजना की परियोजनाओं पर चर्चा होगी। इसके अलावा पुलिस ट्रेनिंग सेंटर, सौ बेड का टीबी अस्पताल, परिवहन निगम का क्षेत्रीय कार्यालय, तीन थानों का निर्माण, पुलिस ट्रेनिंग सेंटर, महिला बटालियन से संबंधित प्रोजेक्ट की अड़चनों को भी दूर किया जाएगा। जनपद में विकास के लिए नगर निगम, जीडीए व अन्य विभागों की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शासन में विभिन्न कारणों से रुकी हुई हैं। इन परियोजनाओं को गति देने के लिए मंगलवार को लखनऊ में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी के साथ भाग लेना है। इस बैठक में जनपद की अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजनाओं की तकनीकी अड़चनों को दूर कर मार्च से पहले धन आवंटन करा दिया जाएगा। – जयंत नार्लिकर, मंडलायुक्त

 

लगभग पांच सौ ऐसे प्रोजेक्ट हैं जो विभिन्न कारणों से शासन में लंबित पड़े हैं। इनमें दो सौ प्रोजेक्ट अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनमें कालेसर स्थित जीरो प्वाइंट समेत बंधे के सौंदर्यीकरण का कार्य व रामगढ़ताल की तर्ज पर चिलुआताल को विकसित करने की योजना शामिल है। कलेक्टे्रट परिसर में बनने वाले इंटीग्रेटेड भवन का प्रस्ताव राजस्व विभाग से अनुमोदित होकर कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा गया है। कोशिश है कि सभी परियोजनाओं पर इसी वित्तीय वर्ष में धन आवंटन करा दिया जाए। इन योजनाओं के मूर्त रूप से लेने से शहर का कायाकल्प हो सकेगा। – के. विजयेंद्र पाण्डियन, जिलाधिकारी

नगर निगम को 14वें वित्त से 20 करोड़ रुपये मिले हैं। इन रुपयों से पार्षद वरीयता के अतिमहत्वपूर्ण काम कराने की योजना बनाई जा रही है। शहर में विकास कार्य कराने के लिए अवस्थापना निधि और 14वें वित्त से नगर निगम को बजट मिलता है। शासन ने 14वें वित्त से 20 करोड़ रुपये देने की नगर निगम को जानकारी दी है। बजट मिलने की जानकारी के बाद महापौर सीताराम जायसवाल ने पार्षदों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि बजट को सभी वार्डों में बराबर-बराबर बांटा जाएगा। इसके लिए उन्होंने पार्षदों से अति महत्वपूर्ण कार्यों का प्रस्ताव मांगा है। शहर में पुरानी सड़कों को ठीक करने, नई सड़क और नालियां बनाने के लिए नगर निगम ने शासन को 150 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है।

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